Wednesday, January 27, 2021

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कुम्भ 2019

माघी अमावस्या पर मौन साधना का महत्व, कुम्भ का दूसरा शाही स्नान

आप प्रयागराज कुम्भ में हैं तो बहुत अच्छा, नहीं तो कहीं भी गंगा स्नान कर इस दिन के माहात्म्य का स्वतः अनुभव करें। हो सके तो मौन रहें और ख़ुद अनुभव करें कि क्यों मौन को नाद से भी प्रभावशाली माना गया है।

कल्पवासियों के लिए ही नहीं बल्कि आम साधकों के लिए भी मोक्षदाई है पौष पूर्णिमा

पौष पूर्णिमा के दिन ही शाकंभरी जयंती भी मनाई जाती है। जैन धर्मावलम्बी इसी दिन से पुष्‍याभिषेक यात्रा की शुरुआत करते हैं। छत्तीसगढ़ के आदिवासी इलाकों के लोग इस दिन 'छेरता पर्व' मनाते हैं।

6 लाख रोज़गार, ₹1.2 लाख करोड़ का राजस्व: कुम्भ मेले से यूपी सरकार को ऐसे होगा फ़ायदा

पड़ोसी राज्यों (राजस्थान, उत्तराखंड,पंजाब और हिमाचल प्रदेश) के राजस्व में भी इससे बढ़ोतरी होगी। ऐसा इसलिए क्योंकि कुम्भ तक आने के बाद लाखों की तादाद में पर्यटक आस-पास के राज्यों में भी घूमने जाते हैं

कुम्भ 2019: ख़ास आकर्षण, जो जीवन भर नहीं भूलेंगे आप!

'पेशवाई' प्रवेशाई का देशज़ शब्द है, जिसका अर्थ है शोभायात्रा, जो विश्व भर से आने वाले लोगों का स्वागत कर कुम्भ मेले के आयोजन को विश्व पटल पर सूचित करने के उद्देश्य से निकाली जाती है

अखाड़ा: नागा से लेकर अन्य साधु-संतों का सनातन में क्यों है विशेष महत्त्व

जब बात शाही स्नान की हो तो अखाड़े, उनका वैभव, धार्मिक-आध्यात्मिक परम्परा सब एक साथ कुम्भ में उपस्थित और जो अभी तक...

जानिए कुम्भ को: शंकराचार्य ने संगठित किया, सम्राट हर्षवर्धन ने प्रचारित

कुम्भ मेला का मूल को 8वीं सदी के महान दार्शनिक शंकर से जुड़ती है। जिन्होंने वाद विवाद एवं विवेचना हेतु विद्वान सन्यासीगण की नियमित सभा परम्परा की शुरुआत की थी।

‘दलित’ महामंडलेश्वर कन्हैया प्रभुनंद गिरि ने धर्मान्तरित दलितों से घर वापसी की अपील की

जूना अखाड़े में बड़ी संख्या में दलित जाति के पुरुष और महिला संत पहले से हैं। इनमें से आठ को महामंडलेश्वर की उपाधि भी दी गई है। जिनमें पाँच पुरुष और तीन महिला महामंडलेश्वर हैं।

को कहि सकइ प्रयाग प्रभाऊ: प्रयागराज की महिमा भला कौन कह सकता है

प्रयागराज को तीर्थों का राजा कई कारणों से कहा गया है। पद्म पुराण के अनुसार: "ग्रहाणां च यथा सूर्यो नक्षत्राणां यथा शशी। तीर्थानामुत्तमं तीर्थे प्रयागाख्यमनुत्तमम्।" अर्थात- जैसे ग्रहों में सूर्य तथा नक्षत्रों में चन्द्रमा हैं, वैसे ही तीर्थों में प्रयाग सर्वोत्तम है"

कैसे शुरू हुआ कुम्भ, क्या कहते हैं पुराण, क्यों है इसका इतना महत्व

आज की पीढ़ी के लिए इतना बड़ा आयोजन शायद फ़िज़ूल लग सकता है क्योंकि युवाओं की एक बड़ी संख्या अपने धर्म-संस्कृति एवं परम्पराओं के इतिहास से वंचित है।

कुम्भ के पहले शाही स्नान से पूर्व लापरवाही से लगी आग, कोई हताहत नहीं

ये हादसा टेंट के बाहर खाना बनाने के रखे सिलिंडर में लापरवाही से आग लगने की वज़ह से हुआ। बता दें कि टेंट के बाहर संतो और निवासियों को खाना बनाने की छूट होती है।

ताज़ा ख़बरें

लालकिला में देर तक सहमें छिपे रहे 250 बच्चे, हिंसा के दौरान 109 पुलिसकर्मी घायल; 55 LNJP अस्पताल में भर्ती

दिल्ली में किसान ट्रैक्टर रैली का सबसे बुरा प्रभाव पुलिसकर्मियों पर पड़ा है। किसानों द्वारा की गई इस हिंसा में 109 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं, जिनमें से 1 की हालात गंभीर बताई जा रही है।

Video: किसानों के हमले में दीवार से एक-एक कर गिरते रहे पुलिसकर्मी, 109 घायल

वीडियो में देखा जा सकता है कि भीड़ द्वारा किए गए हमले से पुलिसकर्मी एक-एक कर लाल किले की दीवार से नीचे गिरते जा रहे हैं।

बिहारी-गुजराती-तमिल-कश्मीरी किसान हो तो डूब मरो… क्योंकि किसान सिर्फ पंजाबी-खालिस्तानी होते हैं, वही अन्नदाता हैं

वास्तविकता ये है कि आप इतने दिनों से एक ऐसी भीड़ के जमावड़े को किसान का आंदोलन कहते रहे। जिसकी परिभाषा वामपंथी मीडिया गिरोह और विपक्षियों ने गढ़ी और जिसका पूरा ड्राफ्ट एक साल पहले हुए शाहीन बाग मॉडल के आधार पर तैयार हुआ।

जर्मनी, आयरलैंड, स्पेन आदि में भी हो चुकी हैं ट्रैक्टर रैलियाँ, लेकिन दिल्ली वाला दंगा कहीं नहीं हुआ

दिल्ली में जो आज हुआ, स्पेन, आयरलैंड, और जर्मनी के किसानों ने वो नहीं किया, हालाँकि वो भी अन्नदाता ही थे और वो भी सरकार के खिलाफ अपनी माँग रख रहे थे।

किसानों के आंदोलन में खालिस्तानी कड़े और नारे का क्या काम?

सवाल उठता है कि जो लोग इसे पवित्र निशान साहिब बोल रहे हैं, वो ये बताएँ कि ये नारा और कड़ा किसका है? यह भी बताएँ कि एक किसान आंदोलन में मजहबी झंडा कहाँ से आया? उसे कैसे डिफेंड किया जाए कि तिरंगा फेंक कर मजहबी झंडा लगा दिया गया?

प्रचलित ख़बरें

दिल्ली में ‘किसानों’ ने किया कश्मीर वाला हाल: तलवार ले पुलिस को खदेड़ा, जगह-जगह तोड़फोड़, पुलिस वैन पर पथराव

दिल्ली में प्रदर्शनकारी पुलिस के वज्र वाहन पर चढ़ गए और वहाँ जम कर तोड़-फोड़ मचाई। 'किसानों' द्वारा तलवारें भी भाँजी गईं।

महिला पुलिस कॉन्स्टेबल को जबरन घेर कर कोने में ले गए ‘अन्नदाता’, किया दुर्व्यवहार: एक अन्य जवान हुआ बेहोश

महिला पुलिस को किसान प्रदर्शनकारी चारों ओर से घेरे हुए थे। कोने में ले जाकर महिला कॉन्स्टेबल के साथ दुर्व्यवहार किया गया।

तेज रफ्तार ट्रैक्टर से मरा ‘किसान’, राजदीप ने कहा- पुलिस की गोली से हुई मौत, फिर ट्वीट किया डिलीट

राजदीप सरदेसाई ने तिरंगे में लिपटी मृतक की लाश की तस्वीर अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर करते हुए लिखा कि इसकी मौत पुलिस की गोली से हुई है।

दलित लड़की की हत्या, गुप्तांग पर प्रहार, नग्न लाश… माँ-बाप-भाई ने ही मुआवजा के लिए रची साजिश: UP पुलिस ने खोली पोल

बाराबंकी में दलित युवती की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया। पुलिस ने बताया कि पिता, माँ और भाई ने ही मिल कर युवती की हत्या कर दी।

हिंदुओं को धमकी देने वाले के अब्बा, मोदी को 420 कहने वाले मौलाना और कॉन्ग्रेस नेता: ‘लोकतंत्र की हत्या’ गैंग के मुँह पर 3...

पद्म पुरस्कारों में 3 नाम ऐसे हैं, जो ध्यान खींच रहे- मौलाना वहीदुद्दीन खान (पद्म विभूषण), तरुण गोगोई (पद्म भूषण) और कल्बे सादिक (पद्म भूषण)।

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