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कोरोना वायरस

गाजियाबाद से दबोची गई 5 विदेशी जमाती महिलाएँ, पनाह देने वालों पर हो सकती है कार्रवाई

ये सभी लोग 10 लोग जनवरी को इंडोनेशिया से भारत आए थे। श के कई शहरों में इनका मूवमेंट रहा है। फ़िलहाल ये साहिबाबाद इलाक़े में छिप कर रह रहे थे। पुलिस ने इन सभी को क्वारंटाइन के लिए भेजा है। इनको पनाह देने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई हो सकती है।

जमात और उनके संपर्क में आए 22000 क्वारंटाइन, तमिलनाडु में संक्रमण के 74 नए मामलों में से 73 मरकज के

पिछले 24 घंटों में 601 नए कोरोना पॉजिटिव केसेस आने के बाद देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 2902 हो गई है। संक्रमण से 68 लोगों की मौत हो चुकी है।

इस मुश्किल वक्त बिहारी मजदूरों का सहारा बना सब्जी बेजने वाला IIM का वो लड़का

कौशल्या फाउंडेशन न सिर्फ़ उनलोगों को हाइजेनिक भोजन पहुँचा रहा है, बल्कि उन्हें कोरोना वायरस के ख़तरों के प्रति जागरूक भी कर रहा है। उन्हें सुरक्षा और बचाव के सामान भी दिए जा रहे हैं। इस काम में कई स्वयंसेवक लगाए गए हैं।

‘दिल्ली में ग़रीबों को दिया जा रहा अधपका, गंदा और कीड़ों वाला खाना’: देखें Video

एक महिला ने कहा कि एक तरफ़ कोरोना वायरस से संक्रमण का प्रकोप है, दूसरी तरफ़ कोई मरने के लिए कीड़ों वाला खाना क्यों खाएगा? महिला ने कहा कि खाना अधपका है, जिससे बच्चों के भी बीमार होने का ख़तरा है।

गुजरात: ड्यूटी छोड़ मस्जिद में नमाज पढ़ने चले गए इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर, गिरफ्तारी के बाद निलंबित

पुलिस द्वारा जारी बयान में बताया गया है कि इंस्पेक्टर आईबी अजमेरी और सब इंस्पेक्टर एसएस डरैया शुक्रवार को ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान दोनों आहवा कलेक्टर कार्यालय के निकट की मस्जिद में मौलवी और अन्य के साथ सामूहिक नमाज पढ़ने चले गए।

इन्हें भला इलाज की क्या जरूरत, गोली मार देनी चाहिए: जमात की करतूतों पर राज ठाकरे

इस तरह के लोगों का इलाज करने की जरूरत ही क्या है? इन्हें बुरी तरह पीटते हुए विडियो बना कर उसे वायरल कर देना चाहिए। जिससे लोगों में सरकार के प्रति कुछ भरोसा पैदा हो।"

दिव्यांगों-मजदूरों के लिए रोजाना भोजन और अस्पतालों में ब्लड डोनेशन के लिए आगे आया ‘सक्षम’

प्रतिदिन 523 दिव्यांगों और 1200 से अधिक दिहाड़ी मज़दूर, जरूरतमंदों के छोटे-छोटे समूहों में दोनों समय का भोजन वितरित किया जा रहा है। संगठन मेडिकल हेल्प भी जरूरतमंदों तक पहुँचाने का काम कर रहा है।

नर्सों के सामने नंगे हुए जमाती: वायर की आरफा खानम का दिल है कि मानता नहीं

आरफा की मानें तो नर्सें झूठ बोल रही हैं और प्रोपेगेंडा में शामिल हैं। तबलीगी जमात वाले नीच हरकत कर ही नहीं सकते, क्योंकि वे नि:स्वार्थ भाव से मजहब की सेवा कर रहे हैं। इसके लिए दुनियादारी, यहॉं तक कि अपने परिवार से भी दूर रहते हैं।

प्रार्थना में कुछ भी अवैज्ञानिक नहीं: और शशि थरूर जी… Covid-19 की लड़ाई राम भरोसे नहीं छोड़ी गई है

प्रार्थना पुरुषार्थ का स्थगन नहीं है और यही वजह है कि प्रार्थना में कुछ भी अवैज्ञानिक नहीं है। Covid-19 को रोकने के सभी प्रयास हमारी शुभकामनाओं से बल पाएँगे और हमें निर्धारित निर्देशों का पालन करने की प्रेरणा देंगे। दवा हमारे शरीर की और दुआ हमारे मन की इम्यूनिटी को बढ़ाती है।

‘लॉकडाउन लगाना मोदी सरकार का साहसिक फैसला, वरना तेजी से फैलती महामारी, भुगतने पड़ते गंभीर परिणाम’

"भारत में लॉकडाउन को उस समय पूरी तरह से लागू कर दिया गया था, जब भारत में बहुत कम कोरोना के मामले सामने आए थे। इस बात से अंदाजा लगा सकते हैं कि निश्चित तौर पर यह भारत सरकार का दूरगामी फैसला था। यही कारण है कि इतनी बड़ी आबादी वाले देश में यह महामारी तेजी से नहीं फैल सकी। सरकार का यह एक साहसिक फैसला है।"

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