दिल्ली हाईकोर्ट ने आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के पाँच सदस्यों को आईपीसी की धारा 121ए के तहत अपराध के लिए दी गई सजा को बदलकर उम्रकैद से 10 साल के कठोर कारावास में बदल दिया।
इन स्कूलों में कश्मीरी और उर्दू भाषा में पढ़ाई कराई जा रही है। हम नहीं चाहते कि हमारे बच्चे आतंकवादियों के सहयोगी बनें या पत्थरबाजों के ग्रुप में शामिल हों।