इस नोट में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके), गिलगित-बाल्टिस्तान समेत पूरे जम्मू-कश्मीर को अलग देश के रूप में दिखाया गया था, जोकि भारत के लिए बिल्कुल बर्दाश्त से बाहर था।
जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 की बहाली के लिए बने गुपकार गुट की एकता में दरार पैदा हो गई है। डीडीसी चुनावों में उतरने जा रही कॉन्ग्रेस ने कई सीटों पर पीडीपी कैंडिडेट के खिलाफ उम्मीदवार उतार दिए हैं।
इसमें कोई दो राय नहीं कि कॉन्ग्रेस का ये फैसला न केवल जम्मू-कश्मीर बल्कि पूरे देश में उस पर भारी पड़ेगा और संकट में पड़े कॉन्ग्रेस के राजनीतिक भविष्य के लिए ये ताबूत में आखिरी कील का काम करेगा।
इसमें कोई चौकाने वाली बात नहीं है कि जम्मू और कश्मीर में अनुच्छेद 370 को समाप्त करने के खिलाफ बेहद मुखर रही कॉन्ग्रेस पार्टी भी इस विवादास्पद गठबंधन में शामिल हो गई है।
ट्विटर को अगले 5 दिनों में समझाने का निर्देश दिया गया है कि भारत की क्षेत्रीय अखंडता का अपमान करने के लिए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए?