डोभाल ने मीडिया के बारे में कहा, "जब हम नहीं बताते हैं, तो मीडिया अटकलबाज़ी करने लगता है।" उन्होंने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को मीडिया के इस्तेमाल में सक्रिय होने के लिए कहा।
हाल ही में, राष्ट्रीय जाँच एजेंसी ने कोच्चि में अदालत में एक आरोप पत्र दाखिल किया था। जाँच में पता चला कि आरोपित व्यक्ति बहरीन के अल अंसार केंद्र में आयोजित कक्षाओं में भाग लेता था, जिसके लिंक केरल के सलाफी स्कॉलर से भी थे।
हिन्दुस्तानी सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और पाकिस्तान की कंगाली ने कश्मीर के जिहादियों को बड़ी मुश्किल में डाल दिया है। मुश्किल यह है कि अब उनके पास लड़ने के लिए हथियारों की कमी होती जा रही है और...
पाकिस्तानी सेना का असली प्लान उकसाए गए और ब्रेनवॉश हुए आम लोगों को भारतीय सेना की गोलियों और तोपों के आगे धकेल देने का है। पाकिस्तानी नेतृत्व आम लोगों को इसका हिस्सा बनने के लिए बरगलाने में लगा है। इस बीच सीमा रेखा इस तरफ़ सुरक्षा बलों ने हर परिस्थिति का सामना करने की तैयारी कर रखी है।
इमरान खान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन में कश्मीर मुद्दा उठाया था और माँग की थी कि भारत कश्मीर से "अमानवीय कर्फ्यू" हटाए तथा सभी "राजनीतिक कैदियों" को रिहा करे। हालाँकि, अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इमरान खान के कश्मीर मुद्दे पर की गई बात को गंभीरता से नहीं लिया।
सुमैरा फारूख, एक बिजनेसवुमैन होने के साथ ही एक पत्रकार भी हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को पूरी तरह से एकीकृत करने के भारत के फैसले के खिलाफ कार्रवाई की माँग की। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय को एक बात सच-सच बताना है कि इसका केवल एक ही समाधान है, और वो है जिहाद। कोई विरोध नहीं, कुछ भी नहीं, बस जिहाद।
जिहादी भारत की ज़मीन पर यहूदियों को मार कर इज़राइल को 'सबक' सिखाना चाहते हैं। इंटेलिजेंस एजेंसियों ने स्थानीय पुलिस सूचित कर दिया है, ताकि जिहादी मंसूबों को कामयाब होने से रोका जा सके।
"पाकिस्तान को यह मानना होगा कि उन्होंने जो मॉडल अपने लिए बनाया है, वह काम नहीं कर रहा है। आप जिहाद को सरकारी तंत्र की वैधता-प्राप्त नीति नहीं बना सकते।"
वीडियो और अन्य प्रोपेगंडा के ज़रिए लोगों को बरगलाने के अलावा अपने समर्थकों से विस्फ़ोटकों, विष, चाकुओं और वाहनों के ज़रिए जिहाद करने की अपील की जा रही थी।