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इमरान ने कश्मीर के आतंक को बताया जिहाद, कहा- हम ऐसा अल्लाह को खुश करने के लिए कर रहे हैं

“अगर दुनिया कश्मीरियों के साथ नहीं है तो कोई बात नहीं। हम हमेशा उनका साथ देंगे। ऐसा करना जिहाद है। हम ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि हम अल्लाह को खुश करना चाहते हैं। जब वक्त साथ नहीं देता तो उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए। निराश न हों क्योंकि कश्मीरियों को हमसे काफी उम्मीदें हैं.....”

अमेरिका से लौटकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कश्मीर को लेकर फिर आग उगली है। हर मंच पर नाकाम हो चुके इमरान खान ने जम्मू-कश्मीर के आतंकवाद को जिहाद बताते हुए कहा कि पाकिस्तान कश्मीरियों का समर्थन जारी रखेगा, भले ही दुनिया में कोई उनका समर्थन करे या न करे।

इमरान खान ने कहा कि जो लोग कश्मीरियों के साथ खड़े हैं, वे जिहाद कर रहे हैं। एयरपोर्ट पर पहुँचने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं से इमरान ने कहा, “अगर दुनिया कश्मीरियों के साथ नहीं है तो कोई बात नहीं। हम हमेशा उनका साथ देंगे। ऐसा करना जिहाद है। हम ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि हम अल्लाह को खुश करना चाहते हैं। जब वक्त साथ नहीं देता तो उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए। निराश न हों क्योंकि कश्मीरियों को हमसे काफी उम्मीदें हैं, वो हमारी तरफ देख रहे हैं। अगर पाकिस्तानी लोग कश्मीर के साथ हैं, तो वो जरूर जीतेंगे।”

गौरतलब है कि इमरान खान ने शुक्रवार (सितंबर 27, 2019) को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन में कश्मीर मुद्दा उठाया था और माँग की थी कि भारत कश्मीर से “अमानवीय कर्फ्यू” हटाए तथा सभी “राजनीतिक कैदियों” को रिहा करे। हालाँकि, अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इमरान खान के कश्मीर मुद्दे पर की गई बात को गंभीरता से नहीं लिया।

संयुक्त राष्ट्र महासभा में 15 मिनट की तय समय सीमा की अनदेखी कर 50 मिनट तक बोलने वाले इमरान ने अपना भाषण कश्मीर पर ही केंद्रित रखा और भारत पर परमाणु बम के हमले की भी धमकी दे डाली। इमरान खान का युद्ध राग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उसी मंच से कुछ समय पहले दिए गए शांति संदेश के ठीक उलट था। पीएम मोदी ने कहा था कि भारत एक ऐसा देश है जिसने विश्व को ‘युद्ध नहीं बुद्ध’ दिए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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