जम्मू-कश्मीर पर अपना प्रोपगेंडा नहीं सुने जाने से तिलमिलाए पाकिस्तानी नेता अब सरकार पर ओआईसी से बाहर निकलने का दबाव बनाने लगे हैं। उनका कहना है कि मुस्लिम मुल्क अपने धंधे में व्यस्त हैं। वैसे, पाकिस्तान का खर्च इन्हीं संगठनों की खैरात से चल रहा है।
पीड़िता के भाई ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान, सेना प्रमुख बाजवा और पंजाब के गवर्नर से न्याय की गुहार लगाई है। केंद्र सरकार ने भी शुक्रवार को इस मामले में पाकिस्तान सरकार से बात कर तत्काल प्रभाव से ठोस क़दम उठाने को कहा था।
कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान ने जितना हो सके दुनिया को बरगलाने की कोशिश की। ताकतवर मुल्कों के पास गया, इस्लामिक देशों के संगठन ओआईसी से गुहार लगाई। संयुक्त राष्ट्र का दरवाजा खटखटाया। लेकिन सबने उसे ठुकरा दिया।
कोझीकोड के पेरम्बरा सिल्वर कॉलेज परिसर में निकाला गया था जुलूस। कॉलेज के शासी निकाय के अध्यक्ष एके थारुवयी ने कहा कि एमएसएफ ध्वज को उल्टा रखा गया था, जिसकी वजह से वह पाकिस्तान के राष्ट्रीय ध्वज की तरह लग रहा था।
पाकिस्तान की प्रशासनिक व्यवस्था का ज़िक्र करते हुए कल्याण सिंह ने कहा कि जाँचकर्ता से लेकर वकील और जज तक, अधिकतर बहुसंख्यक समुदाय यानी मुस्लिम हैं। इसलिए सिख समुदाय से जुड़े मुद्दों का क़ानूनी तौर पर कोई समाधान मौजूद ही नहीं है।
भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर से पाकिस्तान पर बने दवाब के चलते पीड़िता को सुरक्षित उसके घर पहुँचा दिया गया है। वहीं, पाकिस्तानी पंजाब प्रांत की ननकाना साहिब पुलिस ने इस मामले में 8 आरोपितों को गिरफ़्तार कर लिया है।
"मोदी को UAE में मेडल मिला है तो आपको तकलीफ हो रही है। आप भीख माँगते फिर रहे हैं। आप बताएँगे कि आप उनके पाँव की जूती हैं तो वो आपकी इज्जत कैसे करेंगे?"
इमरान खान के मंत्री शेख रशीद एक सभा को संबोधित कर रह थे, जब वह भाषण दे रहे थे तभी उनके माइक में करंट आ गया और वह डर गए। इस पर शेख रशीद बोले- "लगता है कि करंट लगा है, लेकिन मोदी इस जलसे को खराब नहीं कर पाएगा।"
दो-चार कठमुल्ले पाकिस्तान का झंडा लेकर सड़क बंद करने खड़े तो हो गए, लेकिन उनकी कोई सुन ही नहीं रहा था। यहाँ तक कि सामने से आ रहीं गाड़ियों के न रुकने पर वे खुद कुचले जाने से बचने के लिए इधर-उधर सरकते नज़र आए।
जब मौलवी लोगों को संबोधित कर रहा था तो भीड़ ‘भारत का एक ही इलाज अल-जिहाद, अल-जिहाद, अल-जिहाद’ के नारे लगा रही थी। भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने का आह्वान यहींं पर समाप्त नहीं होता है। हाल ही में, खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री महमूद खान ने.......