"इस बैठक में कश्मीर मसले पर विचारों का आदान-प्रदान होगा। जिसमें आधिकारिक रूप से किसी की बात का कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जाएगा और न ही उन बातों का कोई रिकॉर्ड रखा जाएगा। साथ ही इस बैठक में हुई कोई बातचीत सार्वजनिक नहीं की जाएगी, क्योंकि..."
जवानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “अभी तक आपने सब कुछ अच्छे तरीक़े से संभाला हुआ है, आपका आर्मी कमांडर होने के नाते मुझे आप सभी पर गर्व है, जो भी चुनौती हमारे सामने आएगी हम उस पर अच्छी तरह से फ़तह पाएँगे।”
ग़ौरतलब है कि वायु सेना के विंग कमांडर वर्धमान अभिननंदन ने पाकिस्तान के एफ-16 लड़ाकू विमान मार गिराया था। उनकी इस वीरता में उनकी सहयोगी मिंटी अग्रवाल ने अहम भूमिका निभाई थी। उस समय वो वायु सेना के रडार कंट्रोल स्टेशन पर तैनात थीं।
चीन चाहता है कि इस अनौपचारिक चर्चा में पाकिस्तान के विदेश मंत्री एसएम कुरैशी द्वारा यूएनएसी अध्यक्ष जोआना रोनकेका को लिखे पत्र (भारत द्वारा जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के फैसले) के बारे में सभी सदस्यों की राय ली जाए।
सेना के सूत्रों के हवाले से ANI ने दावा यह भी किया है कि घुसपैठ में पाकिस्तानी सेना ने भी अपनी सैन्य चौकियों से भारी कवर फायरिंग देते हुए सहयोग किया था।
"मुझे डर है कि नाज़ी आर्यन श्रेष्ठतावाद जैसी हिन्दू श्रेष्ठतावाद की विचारधारा कश्मीर में ही नहीं रुक जाएगी; इसके चलते पूरे हिंदुस्तान में मुस्लिमों का दमन होगा, और अंत में पाकिस्तान निशाने पर होगा।"
"ये सरकार नगा अलगाववादियों से बात कर रही है, जिन्होंने सरेंडर नहीं किया है। जब एक बड़े नगा नेता का निधन हुआ, तो तिरंगे के साथ वहाँ उनका अपना झंडा था, सरकार के लोग वहाँ गए, क्या तब उन्हें 2 झंडे याद नहीं आई?"