पूर्व एयर मार्शल बीएस धनोआ के अनुसार उनके बयान को राजनीति से जोड़ने वाले गलत साबित हुए हैं। उन्होंने एक बार फिर दोहराया है कि राफेल शानदार विमान है और वायु सेना इससे सशक्त होगी।
डीजीसीए के एक अधिकारी ने इस यात्री विमान को कमर्शियल की जगह मिलिट्री का 'ट्रांसपोंडर कोड' दे दिया था। गलत कोड देने की वजह से पाकिस्तानी रडार पर यह भारतीय वायुसेना का विमान दिखाई दे रहा था।
जैसे ही कनफ़्यूज़न ख़त्म हुआ, पाक फाइटर जेट्स ने स्पाइसजेट को अपने एयरस्पेस से बाहर तक जाने का रास्ता दिया और तब तक उसके साथ रहे जब तक वह अफ़ग़ानिस्तान की सीमा में दाखिल नहीं हो गया। DGCA की तरफ़ से इस बात की पुष्टि की गई है।
परेड का एक हिस्सा था वायुसेना का battle formation, इसमें शामिल थे तीन मिराज-2000, और उन्हें अपने सुरक्षा घेरे में लिए हुए दो Sukhoi-30MKI और इन्हीं Sukhoi-30MKI में से एक का नाम है Avenger-1, जिसके लिए पाकिस्तानी वायु सेना ने दावा किया था कि उसने इस विमान को 27 फरवरी की झड़प में मार गिराया था।
भारतीय वायुसेना के जवानों की हत्या तब की गई थी जब उनके पास कोई भी हथियार नहीं था और वे एयरपोर्ट जाने के लिए बस का इन्तजार कर रहे थे। वहाँ भारतीय वायुसेना के 14 जवान थे। जवानों के अलावा 2 कश्मीरी महिलाओं की भी हत्या कर दी गई थी।
एयर चीफ़ मार्शल भदौरिया ने बालाकोट में आतंकी ठिकानों पर की गई कार्रवाइयों को बड़ी उपलब्धि बताया। इसके अलावा उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में पाकिस्तान की तरफ से कोई भी आतंकी गतिविधि को अंजाम दिया गया तो सरकार की योजना के अनुसार उसका उचित जवाब दिया जाएगा।
वायु सेना प्रमुख ने कहा कि पाकिस्तान फिर से बालाकोट में आतंकी शिविरों को शुरू कर रहा है। जरूरत पड़ने पर दोबारा कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि हम तब भी तैयार थे और आगे भी हर चुनौती से निपटने के लिए तैयार हैं।
तेजस विमान भारतीय वायु सेना की 45वीं स्क्वाड्रन 'फ्लाइंग ड्रैगर्स' का हिस्सा है। इस लड़ाकू विमान को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी ने डिज़ाइन और विकसित किया है।
थल सेना ने जहाँ लद्दाख में सैन्य एक्सरसाइज़ शुरू की है, वहीं वायुसेना ने भारत की पूर्वी सीमा के सबसे आखिरी छोर पर बसे गाँव की अपनी हवाई पट्टी फिर से चालू कर दी है- मकसद है चीनी सेना की किसी घुसपैठ या अन्य आक्रामकता का समय रहते मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार रहना।
इजरायल से स्पाइस 2000 का जो नया बैच आया है, यह इसका ताज़ा वर्जन है। इसकी मारक क्षमता की बात करें तो यह एक बड़े बिल्डिंग को पूरी तरह ध्वस्त करने में सक्षम है। इसकी आपूर्ति के लिए इसी साल जून में भारत ने इजरायल के साथ करार किया था।