लोगों ने थरूर से पूछा कि अब तो राहुल गाँधी कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष भी नहीं रहे, तो फिर वे 'मालिक' कैसे हुए? लोगों ने कहा कि जो डैमेज होना था वह हो चुका, अब इन बयानों का कोई फ़ायदा नहीं।
पाकिस्तान ने राहुल गाँधी का हवाला देते हुए उनके उस बयान का जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि 'जम्मू कश्मीर में लोग मर रहे हैं'। पाकिस्तान ने लिखा कि कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी ने जम्मू कश्मीर में चीजें ग़लत दिशा में जाने की बात कही थी।
इमरान के मंत्री बोले, "मोतीलाल नेहरू के परपोते, जवाहरलाल नेहरू के पोते, कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी को उनके पूर्वजों के यहाँ नहीं जाने दिया गया। यह दिखाता है कि किस तरह आरएसएस और नाजी विचारधारा ने इंडिया पर कब्जा कर लिया है।"
पूर्व कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गॉंधी और अन्य विपक्षी नेताओं के जम्मू-कश्मीर दौरे पर इकबाल अंसारी का दो टूक। कहा, “कॉन्ग्रेस अगर कश्मीर जाना चाहती है, तो जाए, लेकिन कश्मीर पर राजनीति न करे, क्योंकि कॉन्ग्रेसियों की राजनीति अब हिन्दुस्तान से खत्म होने वाली है और खत्म हो जाएगी।”
राहुल गॉंधी, हमारा नहीं तो कम से कम उनका तो ख्याल करिए, जो आपसे हर बाद उम्मीद लगा लेते हैं, पहले से भी किसी बड़े चमत्कार की और आप हर बार, बार-बार, पिछली बार से भी ज्यादा वीभत्स तरीके से उस सपने को चीर-फाड़ देते हैं।
राहुल गॉंधी और अन्य विपक्षी नेताओं से राज्यपाल ने कहा है, "अब उनकी यहॉं कोई जरूरत नहीं है। उनकी जरूरत तब थी जब उनके साथी संसद में बोल रहे थे। यदि वे यहॉं आकर माहौल बिगाड़ना और दिल्ली में बोले गए झूठ को ही दोहराना चाहते हैं तो यह सही नहीं है।"
राहुल गाँधी समेत सभी विपक्षी राजनेताओं को श्रीनगर एयरपोर्ट से बाहर नहीं निकलने दिया गया और उन्हें एयरपोर्ट से ही वापस दिल्ली भेज दिया गया। इनमें गुलाम नबी आज़ाद, डी राजा, शरद यादव, मनोज झा, मजीद मेमन और अन्य नेता शामिल थे।
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने अपने बयान में कहा था कि ऐसे वक्त में जब सरकार लोगों को सीमा पार आतंकवाद के खतरे से बचाने की कोशिश कर रही है तब वरिष्ठ राजनेताओं की ओर से आम जनजीवन को पटरी पर लाने में बाधा डालने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। अगर वो इलाके का दौरा करेंगे, तो उन पाबंदियों का भी उल्लंघन करेंगे, जो अब भी कई इलाकों में लागू है।