पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि ये सभी महिलाएँ बाराबंकी की एक मीट फैक्ट्री में काम करने के लिए जा रही थीं। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बस चालक और मीट फैक्ट्री के मैनेजर सहित खदरा निवासी आफरीन, नौबस्ता मडियांव निवासी आयशा, हिना, फातिमा, मेसरजहाँ, अजीजनगर निवासी अमीना, डालीगंज निवासी रूही और प्रीति नदर मडियांव निवासी अमीना के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की बढ़ती तादाद देखकर शाहीन बाग में प्रदर्शनकारियों की संख्या कम। लखनऊ में भी अचानक प्रदर्शन को स्थगित कर दिया गया है और मुंबई में 50 दिन से चल रहा धरना प्रदर्शन समाप्त हो गया है। महिलाओं का कहना है कि वह हालात सुधरने के बाद इस प्रदर्शन को जारी करेंगी।
“कनिका कपूर को अस्पताल में उपलब्ध सबसे बेहतर सेवा दी जा रही है। लेकिन उन्हें बतौर मरीज हमारे साथ सहयोग करना चाहिए, ना कि वह अपने स्टार वाले नखरे दिखाएँ। उन्हें ग्लूटेन-फ्री डाइट दी जा रही है जो कि अस्पताल के किचन में तैयार की जा रही है।”
कनिका की जाँच रिपोर्ट में भी भारी लापरवाही सामने आई थी। 20 तारीख को सामने आई जाँच रिपोर्ट में कनिका की उम्र 28 साल बताई गई थी, जबकि उनकी उम्र 40 साल है। वहीं कनिका को रिपोर्ट में 'पुरुष' भी बताया गया था।
पीड़िता के सौतले पिता मोहम्मद असलम खान (बदला हुआ नाम) ने पहली बार पीड़िता के साथ 7 साल की उम्र में दुष्कर्म किया था और फिर इसके बाद वो पीड़िता के 16 साल के होने तक उसके साथ रेप करता रहा।