Tuesday, August 9, 2022

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व्यंग्य

हजरतबल में चिदंबरम के बेटे ने हरी टोपी में पढ़ी जुमे की नमाज, प्रोफेसर हकुद्दीन शेख कर रहे ‘लुंगी-खतना’ का इशारा

कार्ति चिदंबरम पहुँचते हैं हजरतबल। शुक्रवार के दिन नमाज पढ़ते हैं। हरी टोपी पहन कर। सोचा होगा मुसलमान मान लिए जाएँगे लेकिन ऐसे कैसे!

…न भाला है, यह गेहुअन करइत काला है: लंबे-नुकीले ‘मैस्कुलिन पैट्रिआर्कि’ पर यूँ बिफरा लिबरल गिरोह विशेष

'भाला फेंक' में स्वर्ण पदक मिलने पर कुछ सेक्युलर ब्रिगेड के पत्रकारों की टिप्पणियाँ हमारे पास आ गई हैं, जिन्हें हम आपके साथ साझा करना चाहेंगे।

786 फीट तकिया फेंका, देश के लिए लाया पहला ओलंपिक गोल्ड: वो GK जिसे इतिहासकारों ने छिपाया

भारत गोल्ड जीत चुका था। बात प्रेस में दबाने के लिए चाहने वाली बिलायती महिला को सेट किया। चाहने वाली पावरफुल थी। उन्होंने प्रेस को सेट किया।

‘वामपंथी लिबरल गिरोह में खुद को मोदी विरोधी साबित करने की होड़’: पेगासस लिस्ट में खंगाले जा रहे नाम

"बस एक बार किसी लिस्ट में नाम आ जाए तो लोग यह एक्सेप्ट कर लें कि मोदी सरकार हमसे भी डरने लगी है तो मैं भी उसके एवज में कुछ वसूल कर लूँगा।"

लिबरलों की नज़र में आज-कल, दिन भी अँधेरी रात है… क्योंकि मोदी ने छीने सामूहिक शर्मिंदगी के वे दिन

खुद शर्मिंदा होने के बहाने समाज को शर्मिंदा होने के लिए ललकारना। अपराध की बात करते हुए नक्सली को डिफेंड करोगे तो समाज तुम्हारे ऊपर चढ़ जाएगा और तुम्हें सच में शर्मिंदा करके छोड़ेगा।

कहानी उस गोले की जहाँ है तुगलक प्रदेश, जहाँ के शहंशाह हैं सर जी!

मुस्कुराइए क्योंकि कहानी इस गोले की नहीं है। उस गोले की है जहाँ तुगलक प्रदेश है। जिस प्रदेश में खुशहाली का ओवरडोज है।

ई चीटिंग है, बात तोता दिखाने की थी-तोते उड़ाने की नहीं: देश का पप्पू

सबको फ्री वैक्सीन और 80 करोड़ को दीवाली तक फ्री अनाज! देश के पप्पू से रहा न गया, प्रधानसेवक को चिट्ठी लिख डायरेक्ट चेतावनी दी है।

5G इंटरनेट से भी फास्ट है एक्टिविज्म: इधर से पिटीशन डालो, उधर से तारीख लो – टूलकिट सेलेब्रिटी के लिए स्पेशल ऑफर

अदालत केस लेती रहेगी, तारीख देती रहेगी और सरकार अपना समय अदालतों में खर्च करती रहेगी। उधर अमेरिका में बैठा कोई एनजीओ...

शाहरुख़ आपना फिलिम में बोला… दील से चाहो तो सारा कायोनात तुम्हारा

राहुल से लेकर सलमान तक... मोदी से लेकर चीन तक... सबकी चाहत फेल... काहे कि इन सबके पास मोमता दीदी वाला शाहरुख नहीं था।

ख़लीफ़ा मियाँ… किसाण तो वो हैं जिन्हें हमणे ट्रक की बत्ती के पीछे लगाया है

हमने सब ट्राई कर लिया। भाषण दिया, धमकी दी, ज़बरदस्ती कर ली, ट्रैक्टर रैली की, मसाज करवाया... पर ये गोरमिंट तो सुण ई नई रई।

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