आँकड़ें बताते हैं कि मोदी सरकार की सख्ती, प्रभावित इलाकों में विकास कार्यों में तेजी और अर्बन नक्सलियों पर शिकंजा कसे जाने से लाल आतंकी की जड़ें सिकुड़ी हैं। लेकिन, खूनी खेल के लिए नए मैदान तलाश रहे वाम आतंकियों के समूल नाश के लिए उनके अर्थ तंत्र पर चोट जरूरी।
शेखर गुप्ता ईमानदारी से कहते हैं कि पत्रकारों ने मोदी सरकार द्वारा चालू की गई कल्याणकारी योजनाओं की अनदेखी की, और जब उन्हें योजनाओं के कारण प्रगति दिखी तो उन्होंने उसे भी नजरअंदाज करने की कोशिश की।
शासन ने इन पाँच योजनाओं के नाम परिवर्तन की लिस्ट राज्यपाल को मंजूरी के लिए भेज दी है। जल्द ही ये योजनाएँ बिना परिवर्तन के कॉन्ग्रेस सरकार की योजनाएँ हो जाएँगी।