इलाहाबाद हाई कोर्ट ने गुरुवार को वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर में ASI को अपना सर्वे जारी रखने का आदेश दिया। इसके खिलाफ मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट पहुँच गया है।
पुणे पुलिस का दावा है कि गोंसाल्विस और परेरा व अन्य के कारण ही भीमा-कोरेगाँव में हिंसा भड़की थी। ये दोनों प्रतिबंधित माओवादी संगठन में भर्ती के लिए के लिए लोगों को उकसा रहे थे और सीपीएम (माओवादी) के लिए कैडर तैयार कर रहे थे।
सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी विवादित ढाँचे में ASI द्वारा किए जा रहे सर्वे पर रोक लगा दी है। बकौल हिन्दू पक्ष, 'मस्जिद कमिटी' ने झूठ बोला कि वहाँ खुदाई की जा रही है।
पेशी का आदेश नहीं होने के बावजूद तिहाड़ जेल से आतंकी सरगना यासीन मलिक सुप्रीम कोर्ट पहुँच गया। जाँच के आदेश दिए गए हैं। एसजी ने केंद्रीय गृह सचिव को पत्र लिखा है।