दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरते ही राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने उन्हें पहलगाम हमले की पूरी जानकारी दी।
एक इंटरव्यू में अमरिंदर सिंह ने कहा, "अभी तक मैं कॉन्ग्रेस में हूँ लेकिन कॉन्ग्रेस में नहीं रहूँगा। मेरे साथ इस तरह का व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए था।"
कॉन्ग्रेस राज में ही चीन ने भारत की जमीन पर कब्जा किया और अब चिल्ला भी वही रहे हैं। मगर अब लोग समझने लगे हैं। हमें अपनी सेना पर विश्वास रखना चाहिए और कॉन्ग्रेसियों के प्रपंच से बचना चाहिए।
पडसलगीकर ने मुंबई हमलों की जॉंच में बेहद अहम भूमिका निभाई थी। पाकिस्तान की संलिप्तता के सबूत जुटाए थे। अमेरिका से 'वॉइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल' हासिल कर आतंकियों और उनके आकाओं के बीच हुई बातचीत की जाँच की थी।
बैठक में आशंका जताई कि कुछ राष्ट्रविरोधी तत्व माहौल खराब करने की साजिश रच सकते हैं। ऐसी ताकतों को रोकने के लिए धर्मगुरुओं से सहयोग की डोभाल ने अपील की।