पाक मूल के अवैसी चौधरी ने कहा कि वो लोगों के ऊपर चाकू से हमला करने वाला है, क्योंकि उसे सिर्फ चाकू चलाना ही आता है। लेकिन यदि वो (अंडरकवर एजेंट) उसे बम बनाने का तरीका सिखा देंगे, तो वो बमबारी करके भी हमला कर सकता है।
श्रीनगर के एक पूर्व आतंकी का कहना है कि अगर यह 1947 में हो गया होता तो आज शायद वो संसद या एसेंबली में होते। उन्होंने कहा कि ब्लैकमेल और मजहब की सियासत के कारण ही उनके जैसे कई युवाओं ने राह भटक कर बंदूक उठा ली और कुछ अब भी उठा रहे हैं।
श्रीलंका से इन आतंकियों ने समुद्र के रास्ते से भारत में प्रवेश किया है। ये सभी आतंकवादी मुस्लिम हैं लेकिन हिंदुओं की वेशभूषा में ये भारत में घुसे हैं। इन्होंने लोगों को बेवकूफ़ बनाने के लिए तिलक और भभूत भी लगाया हुआ है।
इन सभी आतंकियों को भारत में घुसपैठ कराने में पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई का हाथ है। आईएसआई आतंकियों के साथ मिल कर भारत में किसी बड़े हमले को अंजाम देकर अमन और शांति भंग करने की साज़िश रच रही है।
कुछ दिन पहले जाँच एजेंसी को शेख के इंदौर के आजाद नगर थाना क्षेत्र के कोहिनूर कालोनी में होने की खबर मिली। जब जाँच की गई तो पता चला आतंकी वहाँ रहकर मजदूरी करता है। जिसके बाद एजेंसी के अधिरापी भी सब्जी वाले की वेशभूषा में आकर उसकी धड़-पकड़ में जुट गए।
पाकिस्तान के अंदर कई मदरसे न केवल वैचारिक प्रचार के केंद्र के रूप में कार्य करते हैं, बल्कि सभी प्रकार की आतंकी गतिविधियों के लिए प्रशिक्षण भी प्राप्त करते हैं, जो धीरे-धीरे आतंकियों के लिए धन इकट्ठा करने वाले समूहों में तब्दील हो जाते हैं।
मुहम्मद मुहसिन की मौत की ख़बर उसके परिजनों को व्हाटसएप के ज़रिए मिली। वो संदेश मलयालम भाषा में लिखा था, “आपका भाई शहीद होना चाहता था। अल्लाह ने उसकी आकांक्षा के मुताबिक़ उसकी ख़्वाहिश पूरी कर दी। 10 दिन पहले हुए अमेरिकी सेना के ड्रोन में वो शहीद हो गया।”
माना जाता है कि हमजा 1989 में सऊदी अरब के जेद्दा में पैदा हुआ था। वह लादेन के 20 बच्चों में से 15वां बेटा था। वह लादेन की तीसरी बीवी से पैदा हुआ था। उसका निकाह अल-कायदा आतंकी अब्दुल्लाह अहमद अब्दुल्लाह की बेटी से हुआ था।
आरोपित सौरभ शुक्ला लगातार फोन और इंटरनेट के जरिए पाकिस्तान में बैठे आतंकी संगठन के आकाओं के संपर्क में रहता था। साथ ही इनसे अलग-अलग बैंक खाताओं में पैसे मंगवाकर आतंकियों तक सप्लाई करता था।