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1998 में समुदाय को भड़काया, 21 साल बाद सिमी सरगना सफदर नागौरी और मुनीर को 3 साल की सजा

नागौरी ने अपने दो अन्य साथियों के साथ उज्जैन के तोपखाना क्षेत्र में 5 नवंबर 1998 को सभा की थी।

मध्यप्रदेश के उज्जैन जिला न्यायलय ने प्रतिबंधित संगठन सिमी के सरगना आतंकी सफदर नागौरी और उसके साथी मोहम्मद मुनीर को धार्मिक भावना भड़काने के आरोप में शनिवार को 3-3 साल की सजा सुनाई। दोनों पर अदालत ने एक-एक हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। उज्जैन के प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट अफजल खान ने शनिवार को धारा 153 में इन दोनों आतंकियों को दोषी करार दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दोनों आतंकी भोपाल के रहने वाले हैं। दोनों ने करीब 21 साल पहले अपने एक और साथी के साथ उज्जैन के तोपखाना क्षेत्र में सभा को संबोधित करते हुए दूसरे मजहब वालों के ख़िलाफ़ युवाओं की धार्मिक भावना भड़काने वाले भाषण दिए थे। मामले में तीसरे आरोपित सैयद सलाउद्दीन की मौत हो चुकी है।

नागौरी फ़िलहाल अहमदाबाद की जेल में बंद है। वहीं, मुनीर फिलहाल जमानत पर जेल से बाहर है। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार उपसंचालक अभियोजन डॉ. साकेत व्यास ने बताया कि 5 नवंबर 1998 को तोपखाना में धार्मिक भावना भड़काने वाले भाषण देने पर महाकाल थाना पुलिस ने सफदर नागौरी, मुनीर और सैयद सलाउद्दीन के खिलाफ मामला दर्ज किया था। भाषण की ऑडियो जाँच के बाद तीनों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए थे।

इसके बाद पुलिस ने अपनी जाँच में नागौरी के आतंकवादी संगठनों से संबंधों का भी खुलासा किया था। पुलिस ने नागौरी को पीथमपुर से आतंकी साथियों के साथ एक कमरे में आतंकी गतिविधियों में लिप्त पाकर गिरफ्तार किया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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