कुछ दिनों पहले जब इस पर आपत्ति आई थी, तभी तमाम पुस्तकों को बाजारों से वापस उठवा लिया गया था और उक्त कंटेंट को हटा दिया गया था। माफ़ी भी माँगी गई थी। फिर भी हमला हुआ।
आतंकवादी संगठन द्वारा जारी किए गए बयान के मुताबिक़ उन्होंने ‘हिन्दू युवा’ पर इसलिए हमला किया क्योंकि इन्हें ‘बाहरी’ मानते हैं। इस तरह के तमाम ‘बाहरी’ लोग डोमिसाइल के ज़रिए कश्मीर में स्थायी रूप से बसना चाहते हैं।
कट्टरपंथी इस्लामी भीड़ द्वारा हिन्दू मंदिर तहस-नहस किए गए जाने वाली घटना पर भारत ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। भारत ने इस घटना के प्रति कूटनीतिक माध्यमों से पाकिस्तान को नाराज़गी जाहिर की है।
घटना फ्रांस के बेलफोर्ट स्थित उत्तर पूर्वी शहर में हुई, जहाँ 20 साल के मुस्लिम युवक को सिर्फ इसलिए अपनी कौम की हिंसा का शिकार होना पड़ा क्योंकि वह एक क्रिसमस पार्टी में शामिल हुआ था।