"मैं एक भाग्यशाली मुख्यमंत्री हूँ क्योंकि जिन्होंने मेरा विरोध किया वे अब मेरे साथ हैं। और जो मेरे साथ थे, वे अब विपरीत दिशा में बैठे हैं। मैं यहाँ अपनी क़िस्मत और लोगों के आशीर्वाद के साथ आया हूँ। मैंने कभी किसी को नहीं बताया कि मैं यहाँ आऊँगा, लेकिन मैं आ गया।"
"मैं सोनिया गाँधी के आशीर्वाद से मुख्यमंत्री बना था। आप सोनिया गाँधी की क़सम खा कर बने हैं। पर मैंने भी मोटाभाई का इगो हर्ट किया था। आप ने भी वही किया। सो, बंगलौर आइएगा। साथ मिल कर रोएँगे।"
केंद्र सरकार को लम्बे समय से कश्मीर के मामले पर घेरने वालों को जवाब देते हुए उन्होंने राज्य में लगे प्रतिबंधों पर कहा कि इन्टरनेट कभी भी 40 हज़ार लोगों की जान से ज्यादा कीमती नहीं हो सकता। उल्टे उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में खून की नदियाँ बहने के दावे करने वाले गुलाम नबी आज़ाद आज कहाँ हैं?
सीएम की कुर्सी को ताकत का स्रोत नहीं बल्कि उस पर एक अवांछित बाँध मानने वाले बाला साहेब का बेटा उसी कुर्सी के लिए हिंदूवाद को ही राम-राम कर मुख्यमंत्री बन गया है।