विषय

कश्मीर

खत्म किया जा सकता है 35A, श्रीनगर क़िले में तब्दील

लोग इसे सोमवार को धारा 35A पर होने वाली सुनवाई से जोड़ कर देख रहे हैं। कई ख़बरों में सरकार द्वारा इस पर अध्यादेश लानेवाले की बातें भी हो रही हैं।

दबाव में पाकिस्तान ने जैश मुख्यालय, मदरसे और मस्जिद को अपने नियंत्रण में लिया

पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत के कड़े रुख से डरे पाकिस्तान ने जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय बहावलपुर को अपने कब्जे में ले लिया है।

आखिर इतने कश्मीरी देहरादून पहुँचे कैसे? जानिए क्या है सच

कौन जानता है कि IMA जैसे संस्थानों पर भी ये शांतिदूत नजरें रखे हुए हों और आर्मी की गतिविधियों की सूचना कहीं भेजते हों? देहरादून में ही DRDO और आयुध निर्माण फ़ैक्ट्री भी हैं, जिन्हें बेहद संवेदनशील माना जाता है।

पाकिस्तान ने हाफिज सईद के आतंकी संगठन जमात-उद-दावा और उसके सहयोगी संगठन पर लगाया बैन

इन दोनों आतंकवादी संगठनों का संबंध मुंबई हमले के आरोपी हाफिज सईद से है। बैठक में इन दोनों ही संगठनों को गैरकानूनी करार दिया गया है।

इतना अफ़सोस है तो 40 को सौंप दीजिए पब्लिक में मारने के लिए: मुफ़्ती से JNU प्रोफ़ेसर

पूर्व मुख्यमंत्री ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शिक्षा देने वाला कोई शख़्स ऐसा कैसे हो सकता है? अगर वह वाकई शिक्षित हैं तो? या फिर जानबूझकर कश्मीरियों को कष्ट पहुँचाना चाहती हैं। विडंबना यह है कि वह लॉ गवर्नेंस की अध्यापिका हैं।

कश्मीरी राष्ट्रवादी, जो माँ-पिता को खो चुका है, PM से सुरक्षा की गुहार कर रहा है

हमने कई सारे इनिशिएटिव लिए हैं ताकि युवा इस चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा बनें और शांति के प्रयास में हमारा साथ दे सकें। मेरे परिवार के कुछ सदस्य आतंकियों द्वारा पिछले कुछ सालों में मारे जा चुके हैं और यह बताता है कि यहाँ मेरी ज़िंदगी को कितना ख़तरा है।

जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर गाज़ी के बाद घाटी में टेरर-60 का ख़ात्मा सेना का अगला लक्ष्य

घाटी में आतंकी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे हैं। इतना ही नहीं सरहद के पार पाकिस्तान की सेना भी इन आतंकियों को भारतीय सेना के कोप से बचाने में जुट गई है।

सोनू और कंगना का ‘सेकुलरों’ पर तंज: ‘विपक्ष वाले फ़र्ज़ी शोक न मनाएँ’, ‘उन्हें गधे पर बिठाकर थप्पड़ मारो’

फ़िल्म अभिनेत्री कंगना रनौत ने कहा, “अब जो भी शांति और अहिंसा की बात करेगा उस पर कालिख पोत कर, गधे पर बैठा कर चौराहे पर खड़ा कर देना चाहिए ताकि जो भी आए थप्पड़ मार कर जाए।”

2014 में मसूद अज़हर की वापसी और आतंक की स्क्रिप्ट का पुनर्लेखन

आतंकियों को पाकिस्तानी सत्ता के संरक्षण का जीता-जागता उदाहरण। 5 साल पीछे। मसूद अज़हर की वो रैली जहाँ से पठानकोट और पुलवामा हमले की पटकथा का लिखा जाना शुरू हो गया था।

जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अज़हर के भाई के पुलवामा मास्टरमाइंड होने की संभावना

फ़िलहाल, जाँच एजेंसियों को पता चला है कि पिछले तीन महीनों में जैश-ए मोहम्मद आतंकी संगठन दक्षिण कश्मीर में अपनी आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए फिर से अपना नेटवर्क दुरुस्त कर रहा है।

ताज़ा ख़बरें

प्रचलित ख़बरें