कॉन्ग्रेस शिवसेना की कट्टर हिन्दुत्व की छवि से संशय में है और वो चाहती है कि इस सन्दर्भ में CMP में एक स्पष्ट संदेश शामिल किया जा सके, जिससे नई सरकार के गठन में किसी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े।
प्रदर्शन में शामिल छात्र-छात्राओं को ये तक नहीं पता था कि जिस प्रदर्शन में वो शामिल हुए हैं- उसका उद्देश्य क्या है। ऐसे में जब टीवी 9 भारतवर्ष के संवाददाता विपिन चौबे ने हकीकत का खुलासा किया तो वहाँ मोदी मीडिया मुर्दाबाद के नारे लगने लगे और कार्यकर्ता उन पर हावी हो गए।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में अधिवक्ता उमेश बोहरे ने गाँधी परिवार को SPG सुरक्षा देने की तत्काल माँग से संबंधित PIL दाखिल की थी। लेकिन कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर यह कहते हुए 25,000 रुपए का जुर्माना लगाया कि याचिकाकर्ता 'सस्ती लोकप्रियता' हासिल करने की कोशिश में था।
शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही आरंभ होते ही कॉन्ग्रेस के सदस्य नारेबाजी करते हुए आसन के निकट पहुँच गए। इसके बाद डीएमके के सदस्य भी कॉन्ग्रेस के समर्थन में आसन के समीप पहुँच कर नारेबाजी करने लगे।
कॉन्ग्रेस ने मोदी सरकार की कथित नाकामियों को उजगार करने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में आंदोलन की योजना बनाई थी। इसकी समाप्ति रामलीला मैदान की भारत बचाओ रैली से होनी थी।
मध्य प्रदेश के शिवपुरी में मेडिकल कॉलेज के नामकरण को लेकर विवाद। माधवराव सिंधिया की बजाय महात्मा गॉंधी नाम रखने का बीजेपी विधायक ने दिया था सुझाव। सुनकर भड़के कमलनाथ के मंत्री।
पुलवामा और उरी के हमले अगर इंदिरा सरकार के समय में हुए होते, तो भी पाकिस्तान को कमोबेश वैसा ही जवाब मिलता, जैसे मोदी ने दिया। लेकिन वही 26/11 के बाद, बनारस, दिल्ली से लेकर मुंबई, हैदराबाद और दंतेवाड़ा अनेकों बम धमाकों के बाद भी यूपीए सरकार ने लचर रुख अख्तियार किया।
जेएनयू छात्रों की हड़ताल में जर्मन कोर्स की एक छात्रा शामिल नहीं होना चाहती थी, इसलिए वह क्लास करने के लिए जर्मन फैकल्टी की ओर बढ़ी। उसका नाम था मेनका गाँधी- संजय गाँधी की पत्नी और इंदिरा गाँधी की बहू।
2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव लड़ते वक़्त सुरेश ने अपनी संपत्ति का हलफनामा दिया। अब 18 महीने बाद उप-चुनाव में उतरी उनकी पत्नी पद्मावती ने भी अपनी संपत्ति की पूरी जानकारी दी। इन 18 महीनों में करीब 8 करोड़ रुपए...