इस घोटाले के बारे में उन्हें तब मालूम चला था जब बीज निगम ने भुगतान के लिए अपना बिल कृषि विभाग के पास भेजा था। इस दौरान 99 लाख का फर्जी बिल पाया गया, जिसके बाद ही घोटाले की विभागीय जाँच शुरू हुई।
मोदी 2.0 कैबिनेट ने घोषणा की है कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब सभी किसानों को सालाना ₹6,000 रुपए मिलेंगे। साथ ही, योजना से 5 हेक्टयर वाली शर्त को भी हटा दिया गया है। इसके अतिरिक्त किसानों के लिए पेंशन योजना का ऐलान किया गया है।
भाजपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष पूनम चंद्राकर ने कर्ज़माफ़ी की सच्चाई जानने के लिए समिति का गठन किया है। इस जाँच समिति में मोर्चा के प्रदेश महामंत्री भारत सिंह सिसोदिया, चंदन साहू, गौरीशंकर श्रीवास और दिलीप पाणिग्रही शामिल हैं।
बीटी कपास बीज के MSP को कम करने के क़दम के तहत स्वदेशी जागरण मंच (SJM) सहित कई संगठनों ने माँग की थी कि ट्रेट शुल्क को पूरी तरह से हटा दिया जाए ताकि किसानों को उच्च क़ीमतों का 'अनावश्यक बोझ' न उठाना पड़े।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोरखपुर से किसान सम्मान निधि योेजना का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने किसानों के खाते में इस निधि की पहली किस्त जारी की। इसके साथ ही उन्होंने किसानों को क्रेडिट कार्ड का भी वितरण किया।
2012-13 में कृषि परिवार की औसत आय 6426 थी, जो अब बढ़कर 8058 हो गई है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र की सरकार ने फरवरी 2016 में किसानों की आय 2022 तक दोगुनी करनी की बात कही थी।