Homeराजनीतिकामदार सरकार: सीमान्त ही नहीं, हर किसान के खाते में आएँगे ₹6000, पेंशन की...

कामदार सरकार: सीमान्त ही नहीं, हर किसान के खाते में आएँगे ₹6000, पेंशन की भी मिलेगी सुविधा

कृषि मंत्री ने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 3 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में पैसा पहुँच चुका है। इस योजना पर पहले ₹75 हजार करोड़ खर्च होते, लेकिन अब ₹12 हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च बढ़ेगा।

17वीं लोकसभा का आगाज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कैबिनेट की प्रथम बैठक के साथ कर लिया है। दूसरे कार्यकाल की अपनी पहली कैबिनेट मीटिंग में पीएम मोदी ने सेना और किसानों के लिए बड़ी सौगात दी है और
किसान सम्मान निधि का दायरा बढ़ा दिया है। सैनिकों के बाद मोदी 2.0 कैबिनेट ने घोषणा की है कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब सभी किसानों को सालाना ₹6,000 रुपए मिलेंगे।

साथ ही, योजना से 5 हेक्टयर वाली शर्त को भी हटा दिया गया है। इसके अतिरिक्त किसानों के लिए पेंशन योजना का ऐलान किया गया है। इसमें सरकार किसानों द्वारा जमा की गई राशि के बराबर योगदान देगी।

पीएम किसान योजना पहले सिर्फ लघु और सीमांत किसानों के लिए थी। लेकिन बीजेपी ने अपने चुनावी संकल्प पत्र में इस योजना में सभी किसानों को शामिल करने का वादा किया था, जिस पर पहली ही कैबिनेट मीटिंग में मुहर लगाई गई। इस योजना का देश के 14.5 करोड़ किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। पीएम किसान सम्मान निधि योजना की घोषणा सरकार ने पिछले कार्यकाल के अंतरिम बजट में की थी।

नए फैसले के तहत अब 3 करोड़ और किसानों को हर साल ₹6 हजार मिलेंगे। यानी अब इस योजना का लाभ देश के करीब 15 करोड़ किसानों को मिलेगा। पहले इस योजना के दायरे में सिर्फ 12.5 करोड़ किसान ही थे। इस प्रकार अब सभी किसान इसके दायरे में होंगे। इस योजना के तहत लाभार्थी किसान को साल में तीन बार कुल ₹2000 की किस्त सीधे उसके खाते में पहुँचेगी।

कैबिनेट मीटिंग में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि पीएम ने कहा था कि किसान की आमदनी अगले 5 साल में दोगुनी करने की कोशिश करेंगे। फसल की लागत का कम से कम डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य मिले, यह पीएम मोदी ने सुनिश्चित किया। कृषि मंत्री ने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 3 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में पैसा पहुँच चुका है। इस योजना पर पहले ₹75 हजार करोड़ खर्च होते, लेकिन अब ₹12 हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च बढ़ेगा। यानी अब कुल ₹87 हजार करोड़ सालाना खर्च होंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लिए इन 2 बड़े फैसलों से संकेत दे दिया है कि अपने दूसरे कार्यकाल में उनकी प्राथमिकता जवान और किसान रहेंगे। अपने संकल्प पत्र के आधार पर मोदी सरकार द्वारा लिया गया यह निर्णय जनता के लिए उत्साहवर्धक तो है ही, साथ ही नई उम्मीदें भी जगाता है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अध्यात्म का रचा ढोंग, सनातन का उठाया फायदा और अब हिंदू धर्म को बक रही गाली: जानिए कौन है ‘Mana’ ऊर्फ ओमाना, जो CJP...

जिस ओमाना को आज हिंदू होने पर शर्म आ रही, उसके यूट्यूब चैनलों को खंगालने पर पता चला कि उसने अपनी पूरी पहचान सनातन धर्म का सहारा लेकर बनाई है।

पंजाब फार्मेसी भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी, पेन से स्कैन कर बाहर भेजे गए पेपर: उम्मीदवारों से ₹35 लाख तक वसूले, दिल्ली में हंगामा कर...

पंजाब में फार्मेसी अफसर भर्ती परीक्षा का हाईटेक पेपर लीक हुआ है। इस मामले में पंजाब हरियाणा और राजस्थान तक तार जुड़े हैं। लेकिन पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार चुप है।
- विज्ञापन -