"जीएसटी की यह पहली किस्त है। रिफंड तिमाही आधार पर एसजीपीसी को जारी किया जाएगा। मैं इस मुद्दे का समाधान कर सिखों की भावना का सम्मान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देती हूँ।"
मीडिया संस्थान हिन्दू बिजनेस लाइन की तरफ से आयोजित चेंजमेकर अवॉर्ड्स में जीएसटी काउंसिल को ‘चेंजमेकर ऑफ द ईयर अवार्ड’दिया गया और वित्त मंत्री अरूण जेटली ने जीएसटी काउंसिल का चेयरमैन होने के नाते इस अवॉर्ड को रिसीव किया।
दिल्ली-एनसीआर समेत महानगरों में 60 वर्गमीटर और छोटे शहरों में 90 वर्गमीटर कारपेट एरिया और ₹45 लाख तक मूल्य वाले निर्माणाधीन फ्लैट पर अब मात्र 1 प्रतिशत जीएसटी देना होगा।
अपने ट्वीट में जेटली ने बैंकों की ख़राब हालत का भी ज़िक्र किया, "2008-2014 के बीच बैंकों को लूटा गया और वो हम पर आरोप लगाते हैं कि हमने इंडस्ट्रियल लोन माफ़ किए, जबकि हमने एक रुपया भी माफ़ नहीं किया।"
सरकार ने पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया। इस तरह अब टैक्स जमा करने वालों को न तो किसी कर्मचारी के चक्कर लगाने होंगे और न ही किसी की जेब गर्म करनी होगी।
केंद्र सरकार ने 23वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी कम करने का निर्णय लिया है। राजस्थान और छत्तीसगढ़ सहित अन्य कांग्रेस शासित राज्यों ने जीएसटी काउंसिल की बैठक में कई वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी की दरों को घटाने के निर्णय का विरोध किया। पश्चिम बंगाल और केरल ने कहा कि यह जीएसटी कम करने का सही समय नहीं है।
नरेन्द्र मोदी सरकार करीब दो दर्जन वस्तुओं पर जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) कम करने के लिए तैयार दिख रही है और जल्द ही इस पर निर्णय लिए जाने की उम्मीद है। शनिवार को जीएसटी काउंसिल की बैठक होने वाली है जिसके बाद इसकी औपचारिक घोषणा होने की संभावना है।