जेटली ने कसा राहुल पर तंज, ‘फेल स्टूडेंट टॉपर से हमेशा चिढ़ता है’

केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने सर्जिकल स्ट्राइक पर उठाए गए सवालों के जवाब में लिखा कि सरकार और बीजेपी हमेशा सेना के साथ खड़ी है। विपक्ष ने तो आर्मी चीफ़ को सड़क का गुंडा तक कह दिया।

केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने अपने ट्विटर हैंडल से राहुल गाँधी पर तंज कसते हुए कॉन्ग्रेस पार्टी की एक के बाद एक कई ख़ामियाँ गिनाईं। अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा कि पिछले दो महीनों में कई फ़र्ज़ी अभियान देखे गए हैं। फिर भी कॉन्ग्रेस अपनी फ़र्ज़ी हरक़तो से बाज नहीं आ रही है।

जेटली ने राफ़ेल सौदे पर कहा कि इस सौदे ने न केवल भारतीय वायु सेना की युद्धक क्षमता को मज़बूत किया बल्कि सरकारी खज़ाने की भी बचत की। लेकिन इस सौदे को झूठा करार देने के लिए विपक्ष ने आधा-अधूरा पत्र ही दिखाया, इसके बाद सच्चाई सामने आई। विरोधी यह भूल जाते हैं कि सच की हमेशा जीत होती है।

जेटली ने लिखा कि राहुल गाँधी के दो बयानों पर ग़ौर किया जाए तो उससे पता चलेगा कि वो पीएम मोदी से निजी दुश्मनी निकालने जैसे हैं। एक फेल स्टूडेंट हमेशा क्लास के टॉपर से चिढ़ता है।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

अपने ट्वीट में जेटली ने बैंकों की ख़राब हालत का भी ज़िक्र किया जिसके अनुसार 2008-2014 के बीच बैंकों को लूटा गया और वो हम पर आरोप लगाते हैं कि हमने इंडस्ट्रियल लोन माफ़ किए, जबकि हमने एक रुपया भी माफ़ नहीं किया। वास्तव में अब डिफॉल्टर्स को मैनेजमेंट से बाहर किया जा रहा है, इससे कॉन्ग्रेस के एक और झूठ का पर्दाफ़ाश हुआ।

जेटली ने सर्जिकल स्ट्राइक पर उठाए गए सवालों के जवाब में लिखा कि सरकार और बीजेपी हमेशा सेना के साथ खड़ी है। विपक्ष ने तो आर्मी चीफ़ को सड़क का गुंडा तक कह दिया।

अपने तमाम ट्वीट के ज़रिए जेटली ने कई मुद्दों का उल्लेख किया। जिसपर आए दिन बेवजह की राजनीति होती रहती है। इन दिनों विपक्ष का काम जनता को असल मुद्दों से भ्रमित करने का है। कभी ईवीएम के नाम पर, कभी गाय की हत्या के बहाने तो कभी जीसटी को लेकर। इन सभी मुद्दों पर कॉन्ग्रेस ख़ुद घिरी हुई है बावजूद इसके वो ऐसा कोई हथकंडा नहीं छोड़ती जिससे केंद्र सरकार को कटघरे में लाया जाए। केंद्र को ग़लत साबित करने की तमाम कोशिशों के बावजूद बीजेपी विपक्ष के सभी झूठे दावों का खंडन करती चली आई है।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by paying for content

यू-ट्यूब से

बड़ी ख़बर

इनकी सावरकर से दुश्मनी केवल इसलिए है क्योंकि वह हिंदूवादी थे, और कॉन्ग्रेस की राजनीति मुस्लिम तुष्टिकरण की है। हिन्दूफ़ोबिया इनकी वैचारिक नसों में है, तो इसलिए हिन्दू हितों की बात करने वाले को खलनायक या कमज़ोर दिखाना तो हिन्दूफ़ोबिया की तार्किक परिणति होगा ही।

ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

पति ने TIK-TOK चलाने से किया मना, पत्नी ने की आत्महत्या, रिकॉर्ड किया मौत का वीडियो

24 वर्षीय अनीता की शादी 29 साल के पलानीवेल के साथ हुई थी। उनके चार साल की एक बेटी और दो साल का एक बेटा भी है।
दीदी, सुरक्षा दो या इस्तीफा

सईद की मौत पर 200 दंगाईयों को बुलाकर डॉक्टरों पर हमला करने वालों को ममता क्यों बचा रही है?

पथराव शुरू हुआ, डॉक्टरों पर जानलेवा हमले हुए तो पुलिस ने क्यों नहीं रोका? क्यों डॉक्टरों की जान बचाने के लिए दंगाईयों पर नियंत्रण के लिए कड़ी कार्रवाई नहीं की गई? जवाब हम सब को पता है। क्योंकि हमलावर मुसलमान थे- अगर उन्हें कुछ हो जाता तो ममता के वोट बैंक को खतरा था।
कमांडो निराला (फाइल फोटो)

देश के लिए बलिदान हुए थे कॉर्पोरल निराला, गरुड़ कमांडो ने पैसे जुटाकर कराई बहन की शादी

कमांडो निराला की बहन की शादी के लिए गरुड़ कमांडो यूनिट ने आपस में चंदा कर ₹5 लाख इकठ्ठा किए थे। यही नहीं, शादी की रस्म पूरी करने के लिए कमांडोज़ ने शादी में शिरकत भी की।
दि प्रिंट और दीपक कल्लाल

सेक्स ही सेक्स… भाई साहब आप देखते किधर हैं, दि प्रिंट का सेक्सी आर्टिकल इधर है

बढ़ते कम्पटीशन के दौर में सर्वाइवल और नाम का भार ढोते इन पोर्टलों के पास नग्नता और वैचारिक नकारात्मकता के अलावा फर्जीवाड़ा और सेक्स ही बचता है जिसे हर तरह की जनता पढ़ती है। लल्लनपॉट यूनिवर्सिटी से समाज शास्त्र में पीएचडी करने वाले ही ऐसा लिख सकते हैं।

NDTV के प्रणय रॉय और राधिका रॉय को झटका, SEBI ने 2 साल के लिए किया बैन

NDTV पिछले कई सालों से वित्तीय अनियमितताओं और टैक्स फ्रॉड के कारण जाँच एजेंसियों के रडार पर थी। सेबी ने सिक्योरिटी एक्सचेंज मार्केट में लेन-देन और NDTV मैनेजमेंट में किसी भी पोस्ट से 2 साल के लिए बाहर कर दिया है।
सावरकर (साभार: इंडियन एक्सप्रेस)

सावरकर ‘वीर’ तब तक नहीं होंगे जब तक हिन्दू अपनी कहानियाँ खुद सुनाना नहीं सीखते

इनकी सावरकर से दुश्मनी केवल इसलिए है क्योंकि वह हिंदूवादी थे, और कॉन्ग्रेस की राजनीति मुस्लिम तुष्टिकरण की है। हिन्दूफ़ोबिया इनकी वैचारिक नसों में है, तो इसलिए हिन्दू हितों की बात करने वाले को खलनायक या कमज़ोर दिखाना तो हिन्दूफ़ोबिया की तार्किक परिणति होगा ही।

सरकारी डॉक्टर की जान बनाम मुस्लिम वोटबैंक को निहारती निर्मम ममता जो दंगे पीती, खाती और सोती है

ये भीड़ इतनी जल्दी कैसे आती है, कहाँ हमला करती है और किधर गायब हो जाती है? क्या पुलिस ने नहीं देखा इन्हें? क्या हॉस्पिटल में सुरक्षा के लिए पुलिस आदि नहीं होती या फिर इस पहचानहीन भीड़ का सामूहिक चेहरा ममता की पुलिस ने पहचान लिया और उन्हें वो करने दिया जो वो कर गए?
ममता बनर्जी

घमंडी, फासीवादी, सांप्रदायिक, स्वेच्छाचारी, हिंसक, असंवैधानिक, तानाशाह, भ्रष्ट, अलगाववादी: यही हैं ममता

यह इकोसिस्टम कुतर्क में उस्ताद है। बंगाल की हर हिंसा में तृणमूल के साथ बराबर का भागीदार भाजपा को बना देता है। सांप्रदायिकता में भी यही रवैया अपनाता है।
अमित शाह, जदयू प्रवक्ता

अमित शाह और BSF को कोसने के बाद JDU प्रवक्ता ने खुद दिया इस्तीफ़ा

11 तारीख़ को आलोक ने ट्विटर पर एक पोस्ट किया था। इस पोस्ट में उन्होंने बांग्लादेशी शरणार्थियों के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह पर तंज कसा था। साथ ही एक ट्वीट में उन्होंने बीएसएफ अधिकारियों पर भी निशाना साधा था।
अक्षय पात्र, पुरस्कार

Akshay-Patra को मिला ग्लोबल अवॉर्ड, द हिंदू खोजता रह गया लहसुन-प्याज

इस पुरस्कार को देने के दौरान निर्णायक पैनल के प्रमुख शेफ़ सामीन नोसरात ने कहा कि स्कूलों में भोजन उपलब्ध कराना अद्भुत और शानदार कार्य है। बच्चों को भोजन करवाना सबसे महत्तवपूर्ण हैं। इस प्रकार के प्रयासों की सराहना की जानी चाहिए।

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

50,115फैंसलाइक करें
8,751फॉलोवर्सफॉलो करें
69,712सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

शेयर करें, मदद करें: