अशोकनगर जिले के शडोरा में एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करते हुए, भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बयान को लेकर उन्हें जमकर लताड़ा।
"यह देखकर दुखी हूँ कि मेरे पुराने सहयोगी सचिन पायलट को भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा दरकिनार कर दिया गया। यह दिखाता है कि कॉन्ग्रेस में प्रतिभा और क्षमता पर कम ही भरोसा किया जाता है।"
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने ट्विटर बॉयो से कभी BJP लिखा ही नहीं। लेकिन, मेनस्ट्रीम मीडिया ने झूठी खबर के बहाने बीजेपी से मनमुटाव का प्रोपेगेंडा रच दिया।
मध्य प्रदेश की सियासत का संदेश स्पष्ट है। भले जितनी मजबूत राजनीतिक विरासत मिले, निर्णायक जमीनी पकड़ ही है। यही कारण है कि कॉन्ग्रेस तमाम जतन के बावजूद अपनी सरकार बचाने में नाकाम रही। वरना विरासत की राजनीति तो कॉन्ग्रेस के शीर्ष परिवार के चिरागों को भी मिली हुई है।
इन बर्खास्त किए गए मंत्रियों में इमरती देवी, तुलसीराम सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, महेन्द्र सिंह सिसोदिया, प्रद्युमन सिंह तोमर और डॉ. प्रभुराम चौधरी शामिल हैं।