370 खत्म करने को पाकिस्तानी जिहादी 'हिन्दू आक्रमण' के रूप में देखते हैं, इसलिए हिंदुस्तान के हिन्दुओं को नीचा दिखाने के लिए पाकिस्तानी हैदराबाद शहर की सुन्नी तहरीक के कठमुल्लों ने इंसानियत की हद ही पार कर दी। यह गाय से अधिक इंसानियत की हत्या है।
डर का माहौल बनाने और लोगों को गुमराह करने के लिए पाकिस्तान ने 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर के अनुच्छेद-370 को रद्द करने और जम्मू-कश्मीर के विभाजन के ऐतिहासिक फ़ैसले के बाद सोशल मीडिया पर फ़र्ज़ी ख़बरें फैलाने का सहारा भी लिया।
जितेंद्र सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर पर केंद्र सरकार का फैसला संवैधानिक प्रावधानों के तहत ''व्यापक अनुसंधान" के बाद लिया गया है और यह किसी भी कानूनी चुनौती का सामना कर सकता है।
"पाकिस्तानी सेना अभी कश्मीर मसले पर भारत से युद्ध लड़ने की स्थिति में नहीं है। सुस्त होती अर्थव्यवस्था और बढ़ती महँगाई का आम आदमी के जीवन पर त्रासद असर पड़ा है।"- ये शब्द किसी भारतीय नेता या अधिकारी के नहीं हैं। ये बयान है पाकिस्तान की सैन्य वैज्ञानिक आयशा सिद्दीका के।
"दुनिया को यह ज़रूर देखना चाहिए। RSS के 'गुंडे' खुले तौर पर हिंसा कर रहे हैं। जिन्न अब बोतल से बाहर आ चुका है। अगर विश्व समुदाय ने समय पर कार्रवाई नहीं की तो नरसंहार और घृणा का यह सिद्धांत फैलता चला जाएगा।"
“पाकिस्तान के सिंध का एक डाकू कश्मीर में लड़ाई लड़ना चाहता है। जैसे कि अब तक जो लोग कश्मीर में लड़ने के लिए आए थे, वे कमजोर डाकू थे। पाकिस्तानी सेना हमेशा से ही अपना काम ऐसे डाकुओं को आउट सोर्स कर करती रही है।"
गफूर ने ट्विटर पर लोगों से सस्पेंड एकाउंट्स के बारे में जानकारी माँगी। इसके बाद पाकिस्तानी लोगों ने कई भारत-विरोधी हैंडल्स के सस्पेंड होने की बात बताई। तलत नामक महिला ने बताया कि पिछले 2 दिनों के भीतर उसके 4 एकाउंट्स सस्पेंड किए गए हैं।
"जम्मू-कश्मीर में विकास के लिए आर्टिकल 370 के प्रावधान खत्म किए गए हैं। हमारा पड़ोसी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दरवाजे खटखटा रहा है और कह रहा है कि भारत ने गलती की है। पाकिस्तान से बात तभी होगी जब वह आतंकवाद को बढ़ावा देना बंद करेगा।"
कुरैशी ने कहा, "दुनिया का ध्यान कश्मीर से भटकाने के लिए भारत किसी मिसएडवेंचर को अंजाम दे सकता है। पाकिस्तानी सेना और इसका मुकाबला करने के लिए तैयार है। अगर भारत की तरफ से कोई भी मिसएडवेंचर होता है तो माकूल जवाब दिया जाएगा।"
पाकिस्तान को अपने स्वतन्त्रता दिवस (14 अगस्त) के दिन तब शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा जब ट्विटर पर बलूचिस्तान के समर्थन में BalochistanSolidarityDay और 14thAugustBlackDay हैशटैग ट्रेंड करने लगा था। इन ट्रेंडों पर तकरीबन क्रमशः 100,000 और 54,000 ट्वीट्स हुए।