"हर बार की तरह 'टोपी-कुर्ता-दाढ़ी' वाला शख्स ही हैवानियत का शिकार होता दिखेगा। BJP सरकार भले ही विकास करने में असमर्थ रही हो, लेकिन नफ़रत फैलाने में अव्वल साबित हुई। दुःखद!"
डॉक्टर शमा मोहम्मद कॉन्ग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं। सबा नकवी खुद को राजनीतिक विश्लेषक बताती हैं। राना अयूब को 'वाशिंगटन पोस्ट' ने ग्लोबल एडिटर बना रखा है। कॉन्ग्रेसी मशकूर अहमद AMU छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष हैं। पीएम मोदी के माता-पिता पर टिप्पणी कर चुके सलमान निजामी जम्मू कश्मीर के कॉन्ग्रेस नेता हैं।
"अरे बेहूदों, मुख्य आरोपित परवेश गुज्जर है, ये एक वास्तविकता है। ये व्यक्ति कैमरा के सामने ही बुजुर्ग पीड़ित को 'जय श्री राम' बोलने के लिए मजबूर कर रहा है।"
मीडिया को हिन्दू प्रतीक चिह्नों से इतनी नफरत है कि 'जय श्री राम' जैसे पवित्र शब्द को बदनाम करने के लिए कई सालों से कोशिश की जा रही है, खासकर भाजपा के सत्ता में आने के बाद से।