विकास दुबे की माँ ने कहा, "सरकार जो उचित समझे वो करे, हमारे कहने से कुछ नहीं होगा। मेरा बेटा बीजेपी में नहीं, सपा में है और महाकाल ने विकास को बचा लिया।”
कानपुर के लोग विकास दुबे को गुनाह और दरिंदगी का दूसरा चेहरा मानते हैं। विकास दुबे ने स्कूल में पढ़ते समय ही वहाँ के प्रिंसिपल की बर्बरतापूर्ण हत्या कर दी थी। स्कूल केे प्रिंसिपल सिद्धेश्वर पांडेय काफी बुजुर्ग थे।
शिवराज सिंह चौहान की सरकार के 100 दिन पूरे होने पर एक बार फिर मंत्रिमंडल का विस्तार हो गया। इस बार शिवराज के मंत्रिमंडल में 28 विधायकों को मंत्री बनने का अवसर मिला है।
भाजपा के दफ्तर में दिखने वाले नेताओं में विधायक रामबाई, संजीव सिंह कुशवाह, सपा विधायक राजेश शुक्ला निर्दलीय विधायक विक्रम सिंह राणा और सुरेंद्र सिंह शेरा शामिल थे।
जो आंबेडकर, जगजीवन राम, सीताराम केसरी के साथ हुआ वही 2014 में नरेंद्र रावत के साथ हुआ था। अब फूल सिंह बरैया के साथ हुआ है। समय बदला पर कॉन्ग्रेस का दलितों के साथ व्यवहार नहीं।