वैसे तो तवलीन के इस ट्वीट के नीचे सोशल मीडिया यूजर्स ने ही उन्हें सलाह दे दी कि पहले तो वह एसी कमरे में बैठकर देश के हालातों पर बात न करें तो बेहतर होगा।
"मौजूदा संसद भवन और राजपथ दुनिया की इस्लाम प्रभावित सबसे महत्वपूर्ण निशानी... मोदी भारत की सभी इस्लामिक इमारतों और 20 करोड़ मुसलमानों को नेस्तनाबूद करने से कम कुछ भी नहीं चाहते।"
कपूर ने अपने प्रोपेगेंडा लेख में लिखा कि मोदी का हिन्दू तालिबान देश में सांस्कृतिक प्रभुसत्ता स्थापित करने के लिए स्मारक बनाना चाहता है जैसा कि लगभग सभी फासीवादी नेता करते हैं।
ट्विटर पर इस चर्चा को कई भाजपा समर्थकों ने ज्वाइन किया था, ताकि वह जान सकें बासु का क्या कहना है। लेकिन भाजपा समर्थक इससे जुड़ने के बाद सिर्फ हँसने वाली इमोजी भेजते रहे।
सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरें 2018 की है, जब 2019 में होने वाले कुंभ की तैयारियों के लिए घाट की साफ सफाई हो रही थी। 85 वर्षीय पुजारी राममूरत मिश्रा बताते हैं कि वो बचपन से लोगों को दफनाते हुए देखते आ रहे हैं।