Wednesday, June 19, 2024
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वास्तुकार बिमल पटेल ‘नाजी’ और पीएम मोदी ‘औरंगजेब’: अनीश कपूर का सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट पर प्रपंच, हिन्दू विरोध का रहा है इतिहास

लेख में अनीश कपूर ने जिस तरह की भाषा का उपयोग किया है वह भी आपत्तिजनक है। कपूर ने लेख में प्रोजेक्ट के वास्तुकार बिमल पटेल को नाजी और पीएम मोदी को आज के जमाने का औरंगजेब कहा, जो कि एक इस्लामिक जिहादी था। यही नहीं, कपूर ने सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट की तुलना बाबरी विध्वंस से की।

द गार्जियन में लिखे गए अपने लेख में भारतीय मूल के शिल्पकार अनीश कपूर ने जमकर प्रोपेगेंडा फैलाया और हिन्दू घृणा का प्रदर्शन किया। लेख में कपूर ने केंद्र की सत्तारूढ़ एनडीए सरकार को हिन्दू तालिबान कहा और दावा किया कि सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट भारत को इस्लाम रहित करने का एक प्रोजेक्ट है।

द गार्जियन में शुक्रवार (04 जून) को लिखे गए लेख में अनीश कपूर ने लिखा कि इमारतों का इस्लामिक इतिहास दिल्ली में सत्ता में बैठे नेताओं को पसंद नहीं है इसलिए तानाशाह मोदी और उनके अनुयायी इन्हें समाप्त कर रहे हैं। जबकि वास्तविकता में इस प्रोजेक्ट के दौरान कोई भी इमारत नष्ट नहीं की जा रही है।

द गार्जियन में अनीश कपूर के द्वारा लिखा गया लेख

कपूर ने दावा किया कि मोदी के इस्लाम विरोध के चलते इस प्रोजेक्ट के दौरान इस्लामिक पहचान वाली इमारतों को नष्ट किया जा रहा है। जबकि सच यह है कि जो इमारते प्रभावित होने वाली हैं उनमें से अधिकांश कॉन्ग्रेस के शासनकाल में बनी हैं। कपूर ने कहा कि यूएन हेरिटेज फोरम और अन्य संस्थाएं भी इस प्रोजेक्ट में इमारतों को नष्ट किए जाने पर चुप हैं। हालाँकि यहाँ ध्यान देने योग्य बात यह है कि न तो सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट में किसी हेरिटेज इमारत को नुकसान पहुँचाया जा रहा है और न ही यूएन भारत के किसी आंतरिक मामले में हस्तक्षेप करेगा। एक बात यह भी है कि कृषि भवन, शास्त्री भवन और निर्माण भवन जैसी इमारतें सामान्य हैं न कि कोई महान संरचना।

लेख में अनीश कपूर ने जिस तरह की भाषा का उपयोग किया है वह भी आपत्तिजनक है। कपूर ने लेख में प्रोजेक्ट के वास्तुकार बिमल पटेल को नाजी और पीएम मोदी को आज के जमाने का औरंगजेब कहा, जो कि एक इस्लामिक जिहादी था। यही नहीं, कपूर ने सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट की तुलना बाबरी विध्वंस से की। बिना किसी सबूत के कपूर ने अपने लेख में बता दिया कि न्यायपालिका के ऊपर दबाव बनाया गया जिससे इस मूर्खतापूर्ण प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल सके।

कपूर ने अपने प्रोपेगेंडा लेख में लिखा कि मोदी का हिन्दू तालिबान देश में सांस्कृतिक प्रभुसत्ता स्थापित करने के लिए स्मारक बनाना चाहता है जैसा कि लगभग सभी फासीवादी नेता करते हैं। लेख के अंत में कपूर ने लिखा है कि इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य है सभी भारतीयों पर हिन्दू अधिनायकवाद की स्थापना और मोदी इसके वास्तुकार के रूप में भारत पर उसी मुद्रा में शासन करना चाहते हैं जैसे भगवान विष्णु।

यह पहली बार नहीं है जब अनीश कपूर ने सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट या मोदी सरकार पर निशाना साधा हो। इससे पहले भी कपूर मई में भी सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का विरोध कर चुका है। इसके अलावा कपूर 2015 से भाजपा को हिन्दू तालिबान कहता आया है। कपूर ने गार्जियन में ही लेख लिखा था और भाजपा को कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन तालिबान का हिन्दू वर्जन कहा था। कपूर ने इस लेख में लिखा था कि भारत में हिन्दू-मुस्लिम साथ रहते आए हैं लेकिन अब सरकार (मोदी) का उग्र हिन्दुत्व अल्पसंख्यकों को दरकिनार करने का काम कर रहा है।

अनीश कपूर, तीस्ता सीतलवाड़ का समर्थन भी कर चुका है। कपूर ने कहा था कि सीतलवाड़ को डराया-धमकाया गया और शोषण किया गया। जबकि शायद कपूर इस बात से अनजान है कि सीतलवाड़ गुजरात दंगों के पीड़ितों के फंड से संबंधित अनियमितताओं के मामले में आरोपित है और सीबीआई ने 2015 में इस मामले में सीतलवाड़ के घर और ऑफिस में छापामारी की थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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