द वाशिंगटन पोस्ट, द न्यूयॉर्क टाइम्स, अल जजीरा सहित कई विदेशी मीडिया संस्थानों ने गुमराह करने वाले लेख प्रकाशित किए हैं ताकि 'वोट चोरी' के राहुल गाँधी के प्रोपेगेंडा को हवा दिया जा सके।
चीन राफेल लड़ाकू विमानों के खिलाफ दुनिया भर में दुष्प्रचार कर रहा है, वहीं भारत में भी कॉन्ग्रेस पार्टी और वामपंथी मीडिया पहले ही इंडो-फ्रेंच राफेल सौदे को बदनाम करने की कोशिश कर चुके हैं।