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Aaj Tak की एंकर को नूहं की ब्रजमंडल यात्रा से दिक्कत, 2023 की इस्लामी हिंसा का जिक्र कर अनुमति देने पर उठाए सवाल: इस्लामी कट्टरपंथियों पर साधी चुप्पी, हिन्दुओं पर डाला दोष

आजतक की एंकर नेहा बाथम ने ब्रज मंडल जलाभिषेक यात्रा की तैयारियों पर रिपोर्टिंग के दौरान एक विवादित बात कही। नेहा बाथम ने चैनल के लाइव प्रसारण के दौरान ऑन-ग्राउंड रिपोर्टर से बात करते हुए सवाल किया कि जब सांप्रदायिक तनाव की आशंका थी, तो जुलूस निकालने की इजाज़त क्यों दी गई।

हिन्दुओं ने सावन माह के पहले सोमवार (14 जुलाई, 2025) को हरियाणा के नूहं में ब्रजमंडल अभिषेक यात्रा निकाली है। इस शोभायात्रा का आयोजन हर साल विश्व हिंदू परिषद (VHP) द्वारा किया जाता है। 80 किलोमीटर लंबी यह शोभायात्रा दोपहर 12 बजे शुरू हुई। इस शोभायात्रा के लिए पुलिस ने इंटरनेट बंद करने समेत तमाम सुरक्षा व्यवस्था की है। यहाँ हजारों जवान भी रास्ते में लगाए गए हैं। इसके अलावा स्कूलों में भी छुट्टी घोषित की गई है। हालाँकि, इस यात्रा के आयोजन से मीडिया के धड़े को समस्या हो गई है।

आजतक की पत्रकार को यात्रा से समस्या

आजतक की एंकर नेहा बाथम ने ब्रज मंडल जलाभिषेक यात्रा की तैयारियों पर रिपोर्टिंग के दौरान एक विवादित बयान दिया। नेहा बाथम ने चैनल के लाइव प्रसारण के दौरान ऑन-ग्राउंड रिपोर्टर से बात करते हुए सवाल किया कि जब सांप्रदायिक तनाव की आशंका थी, तो जुलूस निकालने की इजाज़त क्यों दी गई।

उन्होंने कहा, “जब ऐसी घटना 2023 में होगी, तो जुलूस निकालने की क्या ज़रूरत थी? आख़िरकार, शांति ही पहली प्राथमिकता है।” हैरानी की बात यह है कि रिपोर्टिंग के दौरान, ऑन-ग्राउंड रिपोर्टर अनमोल वली और नेहा ने यह नहीं बताया कि 2023 में निकली ब्रजमंडल यात्रा पर इस्लामी कट्टरपंथियों ने हमला कर दिया था

तथ्यों से भी की छेड़छाड़

अनमोल ने बताया कि हिन्दू कार्यकर्ता बिट्टू बजरंगी को जुलूस में शामिल होने से रोका गया है। अनमोल ने दावा किया कि उस पर दंगे भड़काने का आरोप लगाया गया था। अनमोल ने यह भी बताया कि जुलूस में ‘त्रिशूल’, ‘बेसबॉल बैट’ जैसे हथियारों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

अनमोल ने इस तथ्य को पूरी तरह से नज़रअंदाज़ कर दिया कि 2023 में इस्लामी कट्टरपंथियों की भीड़ ने ही हिंदुओं, पुलिसकर्मियों और होमगार्डों पर हमला किया था। अनमोल ने इस तथ्य को पूरी तरह से नज़रअंदाज़ कर दिया कि मुस्लिमों ने पथराव किया था और हिंदुओं पर लाठियों और डंडों से हमला किया था तथा उन पर गोलियाँ चलाई थीं।

आज तक के पत्रकारों ने उन अभिषेक का ज़िक्र करना नज़रअंदाज़ कर दिया, जिनकी इस हिंसा में बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। अभिषेक को पहली गोली मारी गई थी और उनका गला रेत दिया गया था। उनके चेहरे को पत्थरों से कुचल दिया गया था।

आजतक के पत्रकारों ने यह भी बताने से इनकार कर दिया कि कैसे नूंह और आसपास के इलाकों में इस दौरान हिंदुओं की दुकानों को चुन-चुनकर लूटा और आग लगा दी गई।

2023 में मुस्लिमों ने बनाया था हिन्दुओं को निशाना

गौरतलब है कि 31 जुलाई 2023 को इसी नूहं में निकाली गई ब्रजमंडल यात्रा पर इस्लामी कट्टरपंथी हमलावर हो गए थे। उन्होंने हिन्दुओं की गाड़ियों को निशाना बनाया था और यहाँ तक कि मंदिर पर हमला भी किया था। इस हिंसा में सात लोगों की जान चली गई थी और कई घायल हुए थे। कई पुलिस वाहनों को आग लगा दी गई थी।

इस दौरान दुकानों को लूटा और जला दिया गया था। हमले में शिव मंदिर परिसर में मुस्लिम भीड़ ने अभिषेक नाम के एक हिंदू युवक की बेरहमी से हत्या कर दी थी। उसे गोली मार दी गई थी और उसका सिर कुचल दिया गया था, जिससे बचने का कोई रास्ता नहीं बचा था।

अपनी तीन साल की बेटी के साथ घर जा रही एक महिला जज पर मुस्लिमों ने हमला किया था। उनकी गाड़ी को आग लगा दी गई थी और वह किसी तरह से बच कर निकल सकीं थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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