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मीडिया गिरोह

प्रोपेगंडा फैलाने के सेना के वेटरन्स का इस्तेमाल: मेजर गौरव आर्या को बदनाम करने लिए गिरे वामपंथी मीडिया संस्थान

मेजर गौरव आर्या और ब्रिगेडियर संदीप थापर के बीच थोड़ा वाद-विवाद क्या हुआ, गिद्ध वामपंथी मीडिया ने ख़ून सूँघ लिया और सेना को बदनाम करने पहुँच गए।

भारत-चीन तनाव के बीच PTI के ‘देश विरोधी’ रिपोर्टिंग पर प्रसार भारती सख्त, करोड़ों का करार खत्म होने की संभावना

पीटीआई को प्रसार भारती से करोड़ों रुपए दशकों से मिलते आ रहे हैं। लेकिन, हालिया कवरेज के बाद संभावना जताई जा रही है कि प्रसार भारती वित्तीय मदद रोक सकती है।

भीड़ को सड़कों पर उतारने के लिए CAA विरोधियों ने ही फैलाई थी अफवाह, कपिल मिश्रा ने किया इंडियन एक्सप्रेस की फर्जी रिपोर्ट का...

दिल्ली पुलिस ने खुलासा किया है कि उपद्रवियों के बीच जानबूझकर ये अफवाह फैलाई गई कि कपिल मिश्रा के लोगों ने CAA विरोध प्रदर्शन के पंडाल में आग लगा दी है।

TOI ने जिस दंपती को बताया मृत, वो निकला सकुशल; पत्नी ने कहा- पत्रकारिता का स्तर काफी नीचे गिरा

TOI के अनुसार, एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और सास की हत्या कर के ख़ुद को गोली मार ली। इस खबर में उस शिल्पी और अमित की फोटो लगाई, जो ज़िंदा...

‘मंदिर के भगवान को बीच सड़क पर रख कर जूते से मारो’ – आसिफा गैंगरेप को हिंदुत्व से जोड़ने की कोशिश में पत्रकार

कठुआ की नाबालिग आसिफा के गैंगरेप को हिंदुत्व से जबरदस्ती जोड़ने की एक और कोशिश। कुख्यात पत्रकार प्रशांत कनौजिया ने इसके लिए मंदिर और देवता को..

सुशांत जब भी सेक्स करता है… कतरा-कतरा कर उनको मारा गया है: कंगना रनौत ने बताया मीडिया ने कैसे की लिंचिंग

कंगना रनौत का एक वीडियो सामने आया है। इसमें वह मीडिया रिपोर्टों का हवाला देकर बता रही हैं कि कैसे सुशांत सिंह राजपूत की मीडिया ने मूवी माफिया की शह पर लिंचिंग की।

‘स्क्रॉल’ पत्रकार सुप्र‌िया शर्मा के खिलाफ वाराणसी में FIR, ‘भुखमरी’ को लेकर प्रकाशित की थी फ़ेक न्यूज़

FIR में माला देवी ने कहा है कि वह किसी के घर में काम नहीं करती हैं, और 'स्क्रॉल' की पत्रकार ने उनकी टिप्पणियों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया है।

इस्लामी कट्टरपंथियों के बाद ऑल्टन्यूज ‘फैक्टचेक’ के बहाने चीनी प्रोपेगेंडा को क्यों दे रहा है बढ़ावा

ऑल्टन्यूज़ को चीनी सैनिकों के घायल होने या उनके मारे जाने की खबरें ज्यादा पसंद नहीं आईं और उन्होंने इसका भी फैक्ट चेक करते हुए भारतीय मीडिया को फर्जी साबित करने का प्रयास किया है।

‘सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या की जाँच क्यों?’ राजदीप के सवाल पर IPS अधिकारी ने याद दिलाया कानून, सुनते ही पलटे

सुशांत सिंह राजपूत के शव का पोस्टमॉर्टम के बाद आत्महत्या मामले में मुंबई पुलिस ने जाँच शुरू की लेकिन राजदीप सरदेसाई को ये रास नहीं आया।

अमरोहा में दलित हत्या पर छाती पीटने वाले जौनपुर में दलितों के गाँव फूँके जाने पर चुप क्यों हैं?

क्या दलितों की पीड़ा की बात तभी की जाएगी जब आरोपित सवर्ण हों? आरोपित समुदाय विशेष के होंगे तो पीड़ितों का दलित होना भूला दिया जाएगा?

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