Thursday, August 13, 2020
Home विचार सामाजिक मुद्दे अमरोहा में दलित हत्या पर छाती पीटने वाले जौनपुर में दलितों के गाँव फूँके...

अमरोहा में दलित हत्या पर छाती पीटने वाले जौनपुर में दलितों के गाँव फूँके जाने पर चुप क्यों हैं?

अमरोहा और जौनपुर दोनों यूपी में हैं। दोनों जगह दलित पीड़ित हैं। लेकिन, अमरोहा की घटना पर छाती पीटने वाले जौनपुर पर मौन हैं। कारण, जौनपुर की घटना के आरोपित समुदाय विशेष से हैं। इसलिए मीडिया गिरोह, दलित चिंतक, दलितों के नाम पर राजनीति करने वाले किसी के लिए पीड़ितों का दलित होना मायने नहीं रखता।

मौके के हिसाब से संवेदनाओं का प्रदर्शन अब मीडिया गिरोह की पहचान बन चुका है। बीते दिनों उत्तर प्रदेश में दलितों से संबंधी दो घटनाएँ सामने आईं। एक में एक दलित युवक को गोली मारकर खत्म कर दिया गया और दूसरी घटना में दलितों के पूरे गाँव को आग के हवाले झोंक दिया गया। 

दलित युवक वाली घटना 6 जून की रात अमरोहा में घटी। घटना के प्रकाश में आते ही इसे मीडिया गिरोह ने तेजी से कवर किया। साथ ही प्रमुखता से खबरों की हेडलाइन में सवर्ण या अपर कास्ट जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया और ये बताया कि कुछ दिन पहले दलित युवक को सवर्णों ने मंदिर में जाने से भी रोका था।

हालाँकि, अमरोहा पुलिस ने पड़ताल के बाद इस एंगल को पूर्ण रूप से खारिज किया। इससे साफ हो गया कि मीडिया गिरोह ने सिर्फ़ अपना प्रोपेगेंडा चलाने के लिए झूठ फैलाया।

इसके बाद 9 जून को प्रदेश में दलितों पर हमले की एक बड़ी खबर सामने आई। जौनपुर जिले के सरायख्वाज़ा क्षेत्र के भदेठी गाँव में समुदाय विशेष के लोगों ने आम तोड़ने को लेकर शुरू विवाद पर इतना विकराल रूप धारण किया कि उन्होंने दलितों के इस गाँव में आग लगा दी और जमकर उत्पात भी मचाया। इस दौरान हवाई फायरिंग हुई। वाहनों को आग में झोंका गया। भैंस और बकरियों को राख कर दिया गया। लेकिन मीडिया गिरोह इस घटना पर चुप्पी साधे बैठा रहा।

- विज्ञापन -

अमरोहा मामले पर जिस सक्रियता से राणा अय्यूब जैसे कट्टरपंथी, दलित विचारक और उनके हितैषी बन बैठे थे। वह सभी इस घटना पर मौन हो गए। न किसी ने इस वाकये की निंदा की और न ही दलितों के भविष्य को लेकर अपनी चिंता जाहिर की।

कारण शायद सिर्फ़ एक ही था कि अमरोहा में आरोपित सवर्ण निकल आया था, जो इनके एजेंडे के लिए फिट था। लेकिन जौनपुर में एक तो उपद्रवी भीड़ ही समुदाय विशेष से थी और दूसरा मास्टरमाइंड जावेद सिद्दीकी पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का बेहद करीबी था। तो आखिर कैसे कोई इसपर अपनी राय रखता?

बता दें, हर मामले पर निष्पक्ष पत्रकारिता के झूठे दावे करने वाले वामपंथी मीडिया पोर्टल इस मामले में न तो अपने विचार प्रकट कर रहे है, और न ही देश में लोकतंत्र को बचाने की दुहाई देने आरफा खान्नम शेरवानी जैसी पत्रकार कुछ बोल रही हैं।

दलितों पर हुए इस बर्बरता पर प्रिंट का भी अभी तक कोई लेख सामने नहीं आया है और न ही दलितों के नाम पर अपना पूरा करियर बनाने वाले दीलीप सी मंंडल ने इस घटना का आँकलन किया है।

द वायर, जिसे पिछले दिनों कई मुद्दों पर अपनी रिपोर्टिंग के लिए लताड़ लगी, वह इस मामले को केवल आपसी विवाद का मामला बताता है।

हाँ, दिलीप सी मंडल ने हिप्पोक्रेसी की सीमा लाँघते हुए एक ट्वीट जरूर किया है। इसमें उन्होंने अपने दलित विचारक होने के साथ-साथ मुस्लिम प्रेम को बरकरार रखा है। उन्होंने अपने ट्वीट में आरोपितों के ख़िलाफ़ अपनी स्पष्ट राय रखने की जगह देश की जनसंख्या को जिम्मेदार ठहराया है और न्याय व प्रशासन पर ठीकरा फोड़ दिया है।

उन्होंने लिखा, “देश में 130 करोड़ लोग हैं। आपसी झगड़े, हिंसा, हत्याएँ तो होंगी। सवाल ये है कि ऐसी घटनाओं पर पुलिस-प्रशासन और न्यायपालिका का रुख क्या है। इसी के आधार पर तय होगा कि कोई सरकार न्यायप्रिय है या जुल्मी। इस कसौटी पर यूपी की सरकार कुछ जातियों के पक्ष में झुकी नजर आती है।”

खुद सोचिए, दिलीप सी मंडल जैसे बुद्धिजीवि आज आखिर क्यों न्याय प्रशासन की बात कर रहे हैं? क्यों यह समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि देश की जनसंख्या इतनी अधिक है कि अपराध और हत्याएँ तो होगीं ही? ये वही लोग हैं जो सवर्णों के आरोपित होते ही उनकी जाति को मुख्य रूप से उजागर करते हैं और ऐसी हाय-तौबा मचा देते हैं कि किसी व्यक्ति विशेष को सवर्णों से घृणा ही हो जाए या वह देश में नागरिक को मिलने वाले मौलिक अधिकारों पर ही सवाल उठा दे?

ऐसा लगता है कि दलित उत्थान गिरोह विशेष के लिए टीआरपी बटोरने का शब्द मात्र है। इसके नाम पर ​दिलीप मंडल जैसे लोग खुद को बुद्धिजीवी के रूप में स्थापित करते हैं।

जौनपुर की घटना ने दलित हितैषी कथित बुद्धिजीवियों को ही नंगा नहीं किया है। मीडिया गिरोह, वामपंथी दलित विचारकों के अलावा अखिलेश यादव, उदित राज, मायावती, चंद्रशेखर जैसे कथित दलित हितैषी नेताओं की भी पोल खोलकर कर दी है। वे भी मौन हैं क्योंकि इस मामले में आरोपित न तो सवर्ण है और न ही बीजेपी से उनका कोई कनेक्शन। जय भीम-जय मीम के नाम पर दलितों के साथ होने वाले छलावे को यह मामला बेनकाव करता है। इसलिए सबने चुप्पी साध रखी है।

दोनों घटनाओं पर इनकी प्रतिक्रियाओं का अंतर यह भी बताता है कि कैसे मौकापरस्त गिरोह हमारे सामने किसी भी मामले को अपने एजेंडे के अनुसार पेश करता है। अपने नजरिए को ही अंतिम सत्य बताकर हम पर थोपने की कोशिश करता है।

वहीं, योगी सरकार, जिसे हमेशा ब्राह्मणवाद का चेहरा बताया जाता है वह दलितों के ख़िलाफ़ हुई क्रूरता पर फौरन एक्शन में आती है और आरोपितों के ख़िलाफ़ रासुका के तहत कार्रवाई के आदेश देती है। साथ ही पीड़ितों को न्याय दिलाने की हरसंभव कोशिश करती है।

लेकिन सेकुलरिज्म को कथित खेवनहार मौन हैं। बोल भी रहे तो इस सावधानी से कि कोई दलितों पर बर्बरता के लिए समुदाय विशेष पर ऊँगली न उठा सके।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या सुशांत सिंह को मारने के लिए किया गया स्टन गन का प्रयोग? सुब्रमण्यम स्वामी ने की NIA जाँच की माँग

सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्विटर पर लिखा है, "क्या यह गन अरब सागर के जरिए भारत में आई है? एनआईए को इस मामले की जाँच के साथ जुड़ना चाहिए ताकि सच सबके सामने आ सके।"

‘राम नहीं अल्लाह बोलो, हिन्दू महिलाओं से छेड़छाड़’: भूमिपूजन की खुशी मनाते परिवार ने अमानतुल्लाह के करीबियों पर लगाया आरोप

राम मंदिर भूमिपूजन के बाद अमानतुल्लाह खान के करीबी मिन्नतुल्लाह खान पर आरोप लगा है कि उन्होंने 30-40 लोगों की भीड़ के साथ एक परिवार पर हमला किया। वहीं.....

काशी विश्वनाथ मंदिर-ज्ञानवापी मस्जिद मामला: सुन्नी सेंट्रल वक़्फ बोर्ड को नोटिस जारी, अगली सुनवाई 1 सितंबर को तय

अयोध्या में रामजन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण के शिलान्यास के बाद से ही काशी और मथुरा का मुद्दा भी गरमाता नजर आ रहा है। लोगों की निगाहें अब काशी विश्वनाथ मंदिर के फैसले पर टिकी हुई है।

बेगूसराय में नाबालिग लड़की के अपहरण को पुलिस ने बताया प्रेम प्रसंग: न आरोपित मुस्लिमों से पूछताछ और न POCSO में केस दर्ज

बेगूसराय के डीएसपी ने लड़की के पिता की बातों को बेतुका और मनगढ़ंत करार दिया है। पिता ने आरोप लगाया कि पुलिस उसकी तलाश के लिए कुछ नहीं कर रही है।

‘जल्दी अपलोड कर’ – बेंगलुरु में मुस्लिमों के मंदिर बचाने का ड्रामा अंत के 5 सेकंड में फुस्स, नए वीडियो से खुली पोल

राजदीप सरदेसाई ने भी मुसलमानों को 'मानव श्रृंखला' कहा। आगजनी करने वालों का कोई धर्म नहीं, मगर मंदिर के लिए मानव श्रृंखला बनाने वाले...

अब्दुल अब्दुल अब्दुल… सौ में लगा धागा, अब्दुल आग लगा कर भागा

अब्दुल आग लगाएगा, फिर ह्यूमन चेन बनाएगा, फिर फोटो भी खिंचवाएगा, फिर अच्छा अब्दुल कहलाएगा! पर अब्दुल भाई ये तो बोलो, अपने दिल के राज तो खोलो, मंदिर को बचा रहे थे किस से? जलाने वाले थे किस मजहब के!

प्रचलित ख़बरें

पैगम्बर मुहम्मद पर FB पोस्ट, दलित कॉन्ग्रेस MLA के घर पर हमला: 1000+ मुस्लिम भीड़, बेंगलुरु में दंगे व आगजनी

बेंगलुरु में 1000 से भी अधिक की मुस्लिम भीड़ ने स्थानीय विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति के घर को घेर लिया और तोड़फोड़ शुरू कर दी।

गोधरा पर मुस्लिम भीड़ को क्लिन चिट, घुटनों को सेक्स में समेट वाजपेयी का मजाक: एक राहत इंदौरी यह भी

"रंग चेहरे का ज़र्द कैसा है, आईना गर्द-गर्द कैसा है, काम घुटनों से जब लिया ही नहीं...फिर ये घुटनों में दर्द कैसा है" - राहत इंदौरी ने यह...

पैगंबर मुहम्मद पर खबर, भड़के दंगे और 17 लोगों की मौत: घटना भारत की, जब दो मीडिया हाउस पर किया गया अटैक

वो 5 मौके, जब पैगंबर मुहम्मद के नाम पर इस्लामी कट्टरता का भयावह चेहरा देखने को मिला। मीडिया हाउस पर हमला भारत में हुआ था, लोग भूल गए होंगे!

दंगाइयों के संपत्ति से की जाएगी नुकसान की भरपाई: कर्नाटक के गृहमंत्री का ऐलान, तेजस्वी सूर्या ने योगी सरकार की तर्ज पर की थी...

बसवराज बोम्मई ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि सार्वजनिक संपत्ति और वाहनों को नुकसान की भरपाई क्षति पहुँचाने वाले दंगाइयों को करना होगा।

महेश भट्ट की ‘सड़क-2’ में किया जाएगा हिन्दुओं को बदनाम: आश्रम के साधु के ‘असली चेहरे’ को एक्सपोज करेगी आलिया

21 साल बाद निर्देशन में लौट रहे महेश भट्ट की फिल्म सड़क-2 में एक साधु को बुरा दिखाया जाएगा, आलिया द्वारा उसके 'काले कृत्यों' का खुलासा...

पैगम्बर मुहम्मद पर FB पोस्ट लिखने वाला हुआ अरेस्ट: बेंगलुरु में मुस्लिम भीड़ द्वारा हिंसा में 150 दंगाई गिरफ्तार

बेंगलुरु में मुस्लिम भीड़ द्वारा दलित विधायक के घर पर हमले, दंगे, आगजनी और पत्थरबाजी के मामले में CM येदियुरप्पा ने कड़ा रुख अख्तियार किया।

क्या सुशांत सिंह को मारने के लिए किया गया स्टन गन का प्रयोग? सुब्रमण्यम स्वामी ने की NIA जाँच की माँग

सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्विटर पर लिखा है, "क्या यह गन अरब सागर के जरिए भारत में आई है? एनआईए को इस मामले की जाँच के साथ जुड़ना चाहिए ताकि सच सबके सामने आ सके।"

‘दंगे-हिंदुओं को निशाना न बनाए मुसलमान, BJP मुसलमानों के लिए समस्याएँ खड़ी करने के लिए कर सकती है इस्तेमाल’: अभिसार

अभिसार शर्मा ने दावा किया कि मुसलमानों को दंगा नहीं करना चाहिए क्योंकि 'भाजपा प्रचार तंत्र' अब इस मुद्दे का इस्तेमाल कर उन्हें निशाना बनाएगी और उनके लिए समस्याएँ खड़ी करेंगी।

LOC पर मौजूद हैं लश्कर-जैश-अल बद्र के आतंकियों के कई शिविर: खुफिया एजेंसी ने किया अलर्ट

लश्कर और जैश के साथ ही अल बद्र जैसे आतंकी संगठनों से जुड़े दर्जनों आतंकियों का LOC पर मौजूद लॉन्च पैड और शिविरों में होने का पता चला है।

सुशांत केस: शेखर सुमन ने की रिया की गिरफ्तारी की माँग, बोले- अब रिहा नहीं हो सकती रिया

एक्टर शेखर सोशल मीडिया पर लगातार सुशांत को न्याय दिलाने की मुहिम चला रहे है शेखर सुमन ने एक बार फिर रिया के खिलाफ आवाज बुलंद की है। शेखर सुमन ने रिया चक्रवर्ती की गिरफ्तारी की माँग करते हुए ट्वीट किया है।

‘गर्दन उड़ाओ उस मादर** की’: कमलेश तिवारी की ही तरह नवीन को भी मिल रही जान से मारने की धमकी

फेसबुक-ट्विटर नवीन के खिलाफ किए गए पोस्ट और टिप्पणियों से भरे हुए हैं। 'शांतिपूर्ण समुदाय' के लोग उत्तेजक और आक्रामक भाषा में उनके खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।

बेंगलुरु दंगों में भारी हिंसा पर उतारू मुस्लिम भीड़ के कई भयावह वीडियो इंटरनेट पर वायरल

बेंगलुरु दंगों के वीडियो में आक्रोशित भीड़ को 'अल्लाह-हो-अकबर' और 'नारा-ए-तकबीर' जैसे इस्लामी नारे लगाते देखा जा सकता है।

SDPI ने दंगों के लिए पुलिस को ठहराया दोषी: पोस्ट करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की देरी ने मुस्लिम भीड़ को किया नाराज

SDPI द्वारा बेंगलुरु की सड़कों पर दंगे भड़काने के लिए हिंसक मुस्लिम भीड़ का नेतृत्व करने के एक दिन बाद इस्लामी संगठन ने भयावह दंगों के लिए बेंगलुरु पुलिस को दोषी ठहराया है।

राम मंदिर ट्रस्ट ने दान के के लिए जारी की एकाउंट नम्बर: यथासम्भव दान की अपील, ताकि भव्य मंदिर का सपना हो साकार

ट्रस्ट ने अकाउंट नंबर और अन्य जानकारियाँ शेयर कर लोगों ने यथासंभव व यथाशक्ति दान करने की अपील की है, जिससे कि भव्य मंदिर का सपना साकार हो सके।

‘राम नहीं अल्लाह बोलो, हिन्दू महिलाओं से छेड़छाड़’: भूमिपूजन की खुशी मनाते परिवार ने अमानतुल्लाह के करीबियों पर लगाया आरोप

राम मंदिर भूमिपूजन के बाद अमानतुल्लाह खान के करीबी मिन्नतुल्लाह खान पर आरोप लगा है कि उन्होंने 30-40 लोगों की भीड़ के साथ एक परिवार पर हमला किया। वहीं.....

महेश भट्ट की सड़क-2 के ट्रेलर ने बनाया डिसलाइक का नया रिकॉर्ड: केवल यूट्यूब पर 1.3 मिलियन ने कुछ ही घंटो में किया ख़ारिज

जहाँ इस ट्रेलर को 1.3 मिलियन लोगों ने नापसंद (डिसलाइक) किया है। वहीं 1 लाख से भी कम लोगों ने इसे पसंद (लाइक) किया है। ट्रेलर को लाइक्स से ज्यादा डिस्लाइक्स मिल रहे हैं।

हमसे जुड़ें

246,500FansLike
64,696FollowersFollow
297,000SubscribersSubscribe
Advertisements