चड्ढा ने ट्वीट किया था कि उन्हें सूत्रों से पता चला है कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दिल्ली से जाने वाले मजदूरों को दौड़ा-दौड़ा कर पिटवा रहे हैं। बकौल चड्ढा, सीएम योगी ने मजदूरों से पूछा कि वो दिल्ली क्यों गए थे और साथ ही धमकाया कि उन्हें आगे से दिल्ली नहीं जाने दिया जाएगा।
लॉकडाउन के बाद दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर गॉंव लौटने के लिए लोगों की भारी भीड़ दिख रही है। अब पता चला है कि इन्हें किस तरह गुमराह किया गया। दिल्ली सरकार के अधिकारी बक़ायदा एनाउंसममेंट कर अफ़वाह फैलाते रहे कि यूपी बॉर्डर पर बसें खड़ी हैं, जो उन्हें घर ले जाएँगी।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने रात में मीटिंग कर मजदूर हित में यह बड़ा फैसला लिया है। बस का इंतजाम नोएडा, गाजियाबाद, अलीगढ़ समेत कई अन्य जिलों में किया गया, जहाँ से मजदूर अपने घरों को जा सकेंगे। मुख्यमंत्री के इस बड़े फैसले से उत्तर प्रदेश और बिहार के लोग अपने-अपने घर तक पहुँच सकेंगे।
सीएम योगी ने बताया कि प्रदेश में 12 राज्यों के लिए नोडल अधिकारी बनाए गए हैं। उन राज्यों के नागरिक किसी भी परेशानी पर उन नोडल अधिकारियों से सीधे संपर्क कर सकते हैं और उन राज्यों में फँसे लोग संबंधित नोडल अधिकारियों से सीधे संपर्क कर सकते हैं। इन लोगों के साथ एक आईपीएस अधिकारी को तैनात किया है जो 24 घंटे इन लोगों से जुड़े रहेंगे।
यूपी के सीएम ने मानवीय आधार पर ऐसे व्यक्तियों के लिए भोजन व पानी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं जो पैदल अपने घरों की ओर लौटने के क्रम में राज्य की सीमा में प्रवेश कर रहे हैं। लॉकडाउन के बाद देश के अलग-अलग शहरों से लोगों के पैदल ही अपने गॉंवों की ओर लौटने की तस्वीरें आ रही हैं।
तड़के 3 बजे रामलला की मूर्ति को गोद में लेकर सीएम योगी अस्थायी मंदिर की ओर चले। 9.5 किलो चाँदी के सिंहासन पर पूरी मंत्रोच्चार के साथ उन्हें विराजमान किया। अब भव्य राम मंदिर का निर्माण मूल 'गर्भगृह' में किया जाएगा।
पुलिस ने माईक लेकर पूरे शहर के लोगों से घरों के अंदर रहने का आह्वान किया साथ ही मस्जिदों के मौलवियों से अपील की कि वह अपने लोगों से कहें कि कुछ दिनों तक सभी लोग मस्जिद में न आकर अपने घर पर ही नमाज पढ़ें। इसके बाद ही मामला शांत हुआ।
हरियाणा आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता और आईटी एवं सोशल मीडिया प्रमुख सुधीर यादव ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के घंटा बजाने को लेकर घटिया बयानबाजी करते हुए ट्विटर पर लिखा, “इसे देखकर मुझे मेरे स्कूल का चपरासी का याद आ गया और आपको?”
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में 2,000 आइसोलेशन बेड हैं। अगले दो दिनों में आइसोलेशन बेडों की संख्या 10,000 कर दी जाएगी। राज्य सरकार की तरफ से सारे इंतजाम कर दिए गए हैं। जनता को घबराने की जरूरत नहीं है।
"पूरे देश में कोरोना वायरस सेकंड स्टेज पर है और अगर हम इसे यहीं रोकने में कामयाब होते है तो ये पूरी दुनिया के लिए एक मैसेज होगा। संक्रमण को रोकने के लिए हमारी तैयारी युद्धस्तर पर चल रही है। सभी जिलों के अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड बनाए गए है और पर्याप्त चिकित्साकर्मी तैनात किए गए हैं।"