कर्नाटक हाईकोर्ट ने आरोपित पिता को बरी करने के निचले आदेश को बरकरार रखा है। कोर्ट का मानना है कि पत्नी ने बच्ची को सिखाया और पति के खिलाफ बयान दर्ज करवाया
रोहिणी का कहना है कि शुरुआत में उन्होंने सोचा कि इस मामले को अधिक तूल न दिया जाए क्योंकि उनके मन में दलित एकता की बात थी, लेकिन फिर बोलने के अलावा कोई और चारा न रहा।