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राजनीति

कॉन्ग्रेस के डूबने में मोदी-शाह का ही हाथ नहीं, देश की सबसे पुरानी पार्टी की नाव में कई छेद

समय-समय पर कॉन्ग्रेस विभाजित होती रही है। लेकिन यहाँ सवाल यह है कि अब पार्टी के विधायक अलग होकर नई पार्टी क्यों नहीं बना रहे? वे भाजपा के साथ ही क्यों जा रहे हैं? अगर वो नया दल बना लें तो वे ज्यादा मोलभाव करने की स्थिति में होंगे।

कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष से मिलें बागी MLA, इस्तीफे पर आज ही करें फैसला: सुप्रीम कोर्ट

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने बागी विधायकों से कहा, "कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष से शाम छह बजे मिलिए और अगर आपकी इच्छा इस्तीफा देने की है तो उन्हें (अध्यक्ष को) सौंप दीजिए।" अदालत ने कहा है कि दिन के बाकी बचे वक्त में अध्यक्ष को इस्तीफे पर फैसला लेना होगा। उनके फैसले से शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट को अवगत कराया जाएगा।

गोवा में कॉन्ग्रेस को बड़ा झटका, 15 में से 10 MLA भाजपा में शामिल

गोवा विधानसभा में विपक्ष के नेता चंद्रकान्त कावेलकर के नेतृत्व में कॉन्ग्रेस से अलग हुए विधायकों के गुट ने विधानसभा अध्यक्ष राजेश पाटनेकर से मुलाकात की। विधानसभा अध्यक्ष को सौंपे पत्र में इन विधायकों ने कॉन्ग्रेस से नाता तोड़ने की जानकारी दी।

राम, रामायण और BJP: कार्यकर्ताओं से पार्टी है, पार्टी से कार्यकर्ता नहीं

स्मृति इरानी से सुरेन्द्र के शव को कंधा दिया। बंगाल में मारे गए कार्यकर्ताओं के परिवारों को मोदी के शपथग्रहण समरोह में बुलाया जा रहा है। किसी भी नेता या दल को अपने कार्यकर्ताओं के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए, इसका उदाहरण रामायण में मिलता है।

170 चुनाव हारने का बनाया रिकॉर्ड, खुद को कहते हैं ‘ऑल इंडिया इलेक्‍शन किंग’

60 साल के पद्मराजन अब तक 170 चुनाव लड़ चुके हैं लेकिन उन्हें एक में भी सफलता प्राप्त नहीं हुई है।

राबर्ट ठठेरा की ‘लाल डायरी’ लगी ऑपइंडिया तीखी मिर्ची सेल के हाथ, गंभीर खुलासे

जब हमने इस लाल डायरी की सत्यता प्रमाणित करने के लिए ‘सॉल्ट न्यूज़’ से सम्पर्क किया, तो उन्होंने डायरी से उठने वाली सौंधी-सौंधी महक से ही पहचान कर इसके ‘वायरल’ होने की आशंका के चलते इस का फैक्ट चेक किया।

आतंक की फंडिंग की जाँच मज़हब में दखल कैसे बन गई?

घाटी भर के इस्लामी नेता मीरवाइज़ उमर फ़ारुख को एनआइए समन के खिलाफ़ इकट्ठे हो गए हैं। उनके लिए कश्मीर में दहशतगर्दी की जाँच मज़हबी मामलों में दखल है।

लुटियन के दलालों को बस यही बात बहुत चुभती है

विशेषकर अंग्रेज़ी पत्रकार, एनजीओ, लेखक, चिंतक, बुद्धिजीवी और विचारक टाइप लोग मोदी से खफ़ा हैं, क्योंकि इस व्यक्ति को लुटियन दिल्ली में, इंडिया हैबिटैट सेंटर, इंडिया इंटरनेशनल सेंटर जैसे ठिकानों में अड्डा ज़माने वाले लोगों से कोई हमदर्दी नहीं है।

ममता जी! बालाकोट में जो हुआ उसका पता चल जाएगा, आप बताएँ IPS अधिकारी के साथ आपने क्या किया था?

‘दीदी' थोड़ा इंतज़ार करिए धीरे-धीरे बालाकोट में क्या-कैसे-कब हुआ...सबके जवाब दिए जाएँगे, जैसे F-16 के मिसाइल के टुकड़े दिखाकर दिए गए हैं।

‘बच्चों की कसम है’ से लेकर, उसी कॉन्ग्रेस सपोर्ट के लिए ‘लालायित’ सड़जी… और कितना गिरेंगे?

केजरीवाल ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, "हमारे मन में देश को लेकर बहुत ज्यादा चिंता है, इसी वजह से हम लालायित हैं, उन्होंने (कॉन्ग्रेस) ने लगभग मना कर दिया है।"

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