हाथरस में आरोपित की जाति पर जोर देने वाली रोहिणी सिंह जैसी लिबरल, बलरामपुर में दलित से रेप पर चुप हो जाती हैं? क्या जाति की तरह मजहब अहम पहलू नहीं होता?
तीस्ता सीतलवाड़ और स्वराज अभियान से जुड़े वामपंथी जिया नोमानी ने निजी बातचीत में स्वीकार किया है कि पीएफआई और एसडीपीआई जैसे संगठन देश के मुस्लिम युवाओं को कट्टरपंथी बनाते हैं।
आरफा खानम ने कंगना को 'गोडसे प्रेमी' कहते हुए 'लिबरल मूल्यों' पर ज्ञान देने की कोशिश की, जवाब में अभिनेत्री ने उन्हें बताया कि वो उदारवादी नहीं, बल्कि 'भक्त' हैं।