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विज्ञान

क्यों मनाया जाता है ‘राष्ट्रीय विज्ञान दिवस’, एशिया के पहले फिजिक्स के नोबेल विजेता CV रमन से क्या है कनेक्शन: पढ़ें- इस साल की...

'राष्ट्रीय विज्ञान दिवस' रमन इफेक्ट, वैज्ञानिक सोच, इनोवेशन और महिलाओं-युवाओं की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से विकसित भारत की दिशा दिखाता है।

3 साल तक चाँद पर धड़ाधड़ मिशन भेजने के बाद रुक गया NASA, अब फिर जाएगा ‘आर्टेमिस’: क्यों 53 साल से चंद्रमा पर नहीं...

50 साल बाद इंसान फिर से चाँद पर कदम रखने को तैयार है। इसमें देरी का कारण अपोलो मिशन के समय US और सोवियत संघ में अपनी ताकत दिखाने की होड़ थी।

रोबोडॉग्स क्या हैं और भारत को इनकी सख्त जरूरत क्यों है: इंडिया AI इम्पैक्ट समिट से परे समझिए इन मशीनों को, जो बचा सकते...

भारतीय सेना में एमयूएलई रोबोडॉग्स रसद ढोते हैं, निगरानी करते हैं और विस्फोटकों का पता लगाते हैं, जिससे सैनिक सुरक्षित रहते हैं।

वैदिक सूर्य पूजा और खगोलीय ज्ञान की जीवंत परंपरा, गुजरात के मोढेरा सूर्य मंदिर में ‘उत्तरार्ध महोत्सव’ का आयोजन

उत्तरार्ध महोत्सव में सूर्य पूजा, शास्त्रीय नृत्य, वैदिक परंपरा और सूर्य के जीवनदायिनी महत्व को आधुनिक रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।

‘क्या मर्द भी हो सकते हैं प्रेग्नेंट?’: US में छिड़ी ‘Woke’ बहस, जानिए क्या कहता है विज्ञान

बच्चे को जीवित रखने के लिए शरीर में पोषण-सुरक्षा की जरूरत होती है, वह केवल महिलाओं के बच्चे दानी में होती है। पुरुषों में गर्भाशय नहीं होता।

अनंत विस्तार के बजाय सिकुड़ने से होगा ब्रह्मांड का अंत?: ‘डार्क एनर्जी’ पर वैज्ञानिकों को मिले नए सबूतों ने किया हैरान, जानें कैसे ‘बिग...

'डार्क एनर्जी' जो ब्रह्मांड को फैलाने वाली रहस्यमयी शक्ति है समय के साथ अपना स्वरूप बदल रही है। ब्रह्मांड का अंत वापस सिकुड़ने से हो सकता है।

इसरो ने सफलतापूर्वक लॉन्च किया दुनिया का सबसे बड़ा कमर्शियल कम्युनिकेशन सैटेलाइट ब्लूबर्ड ब्लॉक-2: जानें- कैसे मोबाइल टॉवर-ऑप्टिकल फाइबर के दिन होंगे पूरे

यह मिशन इसरो की कमर्शियल क्षमताओं का एक बड़ा प्रमाण है और भविष्य में इंटरनेट कनेक्टिविटी को पूरी तरह बदलने वाला साबित होगा।

क्या है ISRO का ड्रॉग पैराशूट, जिसका रेल की पटरी पर किया गया ट्रायल: जानिए मनुष्य को अंतरिक्ष से लाने वाला ये सफल परीक्षण...

इसरो 'गगनयान' के अहम पड़ाव को पार कर गया है। ड्रॉग ट्रायल चंडीगढ़ में DRDO की TBRL की रेल ट्रैक रॉकेट स्लेड (RTRS) फैसिलिटी में किए गए थे।

DRDO का कमाल, हवा में रूप बदलेंगे फाइटर जेट: 0.17 सेकेंड में पंख मोड़ने वाली ‘मॉर्फिंग विंग तकनीक’ का ट्रायल सफल, जाने कैसे बदलेगा...

भारत के फाइटर जेट के पंख जल्द ही मॉर्फिंग विंग में बदलने वाले हैं। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने पहली बार मॉर्फिंग विंग तकनीक का सफल ट्रायल पूरा कर लिया है।

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