भगवंत मान ने पीएम मोदी के उन देशों के दौरे पर जाने का मजाक उड़ाया है, जिनकी आबादी कम है। दरअसल मान को ये पता ही नहीं है कि छोटे देशों का विश्वस्तर पर कितना महत्व है?
माधुरी गुप्ता का मामला केवल एक अधिकारी द्वारा विश्वासघात की कहानी नहीं है, बल्कि यह व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा, भावनात्मक भेद्यता और संस्थागत निगरानी की विफलता के खतरनाक संगम का उदाहरण है