प्रदर्शनकारी गैलरी में बनी काँच की दीवार से सटकर खड़े थे और इनकी पीठ सांसदों की तरफ थी। इनकी छाती पर 'सबकी जिंदगी के लिए' (For All Life) जैसे नारे लिखे थे।
यूपीए अध्यक्षा सोनिया गाँधी के साथ बैठे मुलायम ने जैसे ही पीएम मोदी के बारे में ऐसा कहा, लोकसभा में 'जय श्री राम' के नारे गूँजने लगे। उनके बगल में बैठी सोनिया गाँधी इस दौरान इधर-उधर देखने लगीं।
राहुल ने सदन के अंदर महज 14 चर्चाओं में ही हिस्सा लिया है। उन्होंने सरकार से एक भी धारदार सवाल पूछने की हिम्मत नहीं की। यही नहीं, राहुल गाँधी ने सदन के अंदर एक भी प्राइवेट मेंबर बिल पेश नहीं किया।
"प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संसद में दिया गया जवाब सरकार के पांच वर्षों के काम का 'रिपोर्ट कार्ड' है। क्या कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेता प्रधानमंत्री के भाषण में दिए गए तथ्यों का जवाब देंगे या फिर केवल नारों और झूठ का सहारा लेते रहेंगे।"
राष्ट्रपति कोविंद ने कृषि, कालाधन, भ्रष्टाचार, जम्मू-कश्मीर, रोज़गार जैसे मुद्दों पर मोदी सरकार द्वारा किए गए कार्यों को गिनाया। राष्ट्रपति के अभिभाषण के मुख्य बिंदु...
राज्यसभा में भी विधेयक पारित हो जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संविधान निर्माताओं और स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते हुए ट्विटर पर जनता को बधाई दी