भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण को अवमानना का दोषी पाए जाने के कुछ दिनों बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने बार काउंसिल ऑफ दिल्ली को उनके ट्वीट्स की जाँच करने और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने 6 गैर-भाजपा शासित राज्यों की समीक्षा याचिका खारिज कर दी है। इसमें जेईई मेन 2020 और NEET 2020 परीक्षाओं को स्थगित करने की माँग की गई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत भूषण को अवमानना का दोषी मानते हुए ₹1 का फाइन लगाया है। ₹1 जमा न करने पर 3 महीने की जेल होगी और कोर्ट प्रैक्टिस भी नहीं कर पाएँगे।
यह फैसला देकर जजों ने अपनी सूझबूझ का परिचय तो दिया ही है, साथ ही किसी भी लोकतंत्र में नकारात्मक प्रेशर-ग्रुप्स को भी एक शानदार मैसेज दिया है कि वे कोर्ट को कोई हलवा न समझें।