संजय झा के ट्वीट से ये बात तो साबित हो गई कि उन्होंने केवल अनिल अंबानी से माफी माँगकर उन पर तंज नहीं कसा, बल्कि राफेल पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले को भी मजाक के तौर पर लिया है। कॉन्ग्रेस के इन्हीं नेताओं के कारण...
उस भूल के लिए अब सुप्रीम कोर्ट ने भी राहुल गॉंधी को बख्श दिया है। मोदी ने तो शायद आम चुनावों के नतीजों के बाद ही माफ कर दिया हो। लेकिन, क्या वे कॉन्ग्रेसी और वामपंथी राहुल गाँधी को कभी मन से माफ कर पाएँगे जिनके सपने में वे आज भी शपथ लेते रहते हैं?
"सर्वोच्च न्यायालय का जो फ़ैसला आया है वही एक अकेला रास्ता था जिससे यह मामला सुलझ सकता था। अब हिन्दुस्तान में राम जन्भूमि के स्थान पर दुनिया का सबसे सुन्दर मन्दिर बनने की तैयारी हो रही है।"
सुप्रीम कोर्ट ने राफ़ेल विमान सौदे को लेकर उछल-कूद मचा रहे विपक्ष और स्वघोषित डिफेंस-एक्सपर्ट लोगों को करारा झटका दिया है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई वाली बेंच ने राफेल मामले में दायर की गईं सभी पुनर्विचार याचिकाओं को ख़ारिज कर दिया है।
सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के अवाला जस्टिस खानविलकर और जस्टिस इंदू मल्होत्रा ने इस मामले को बड़ी बेंच के पास भेजने के पक्ष में अपना मत सुनाया। जबकि पीठ में मौजूद जस्टिस चंद्रचूड़ और जस्टिस नरीमन ने सबरीमाला समीक्षा याचिका पर असंतोष व्यक्त किया।
अपने नोटिस में सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि वह चाहेगी कि दिल्ली सरकार उसे समझाए कि दोपहिया वाहनों, तीनपहिया वाहनों और टैक्सियों के मुकाबले कम प्रदूषण करने वाली कारों को रोककर वह क्या हासिल कर रही है।
साल 1950 में 16 जनवरी को फैजाबाद जिले के स्थानीय कोर्ट में पहली बार इस संबंध में मुकदमा दर्ज हुआ था। राम मंदिर पर फैसला सुनाने वाले सीजेआई रंजन गोगोई इन पाँचों न्यायधीशों में उम्र के लिहाज से सबसे बड़े हैं, जिनकी जन्मतिथि 18 नवंबर 1954 है।
"अगर सरकार हमें जमीन देती है तो हम वहाँ पर स्कूल या फिर अस्पताल बनवाएँगे। कोर्ट के फैसले के बाद दोनों समुदाय के बीच पैदा हुई नफरत खत्म हो गई हैं। इसलिए अब वे नहीं चाहते कि हिंदुस्तान में माहौल में बिगड़े। मोदी और योगी सरकार में अमन शांति है..."