सीजेआई रंजन गोगोई ने अनुच्छेद 370 के फैसले के खिलाफ़ दायर याचिका पर वकील एमएल शर्मा से सुनवाई के दौरान पूछा कि ये किस तरह की याचिका है? और इसमें क्या फाइल किया गया है? याचिका लें और दूसरी याचिका दाखिल करें।
"विदेशी यात्रियों में एक विरोधाभास था क्योंकि कुछ ने कहा कि वो बाबर था जिसने मंदिर को ध्वस्त कर दिया जबकि कुछ का कहना है कि इसे औरंगजेब के कार्यकाल के दौरान नष्ट किया गया। लेकिन उनके बीच अयोध्या में भगवान राम के जन्मस्थान होने को लेकर कोई मतभेद नहीं था।"
पंजाब की कैप्टन अमरिंदर सरकार ने इस बाबत प्रधानमंत्री मोदी से दखल की अपील की थी। पटियाला प्रशासन का कहना है कि वहाँ की स्थिति अभी नियंत्रण में है। इसलिए होशियारपुर, जालंधर, कपूरथला और गुरुदासपुर की तरह वहाँ स्कूल, कॉलेजों को बंद करने की जरूरत नही पड़ी।
कोर्ट ने रामलला के वकील से पूछा कि राम का जन्मस्थान कहाँ है? तो वकील एस सी वैद्यनाथन ने इसका जवाब देते हुए कहा कि राम का जन्मस्थान बाबरी मस्जिद के गुंबद के नीचे है।
बीजेपी संसद ने एक पत्रावली दिखाई, जिसमें भगवान राम के वंश के सभी पूर्वजों का नाम क्रम से लिखा हुआ है। इसी पत्रावली में 209वें वंशज के रूप में सवाई जयसिंह और 307वें वंशज के रूप में दीया के पिता महाराजा भवानी सिंह का नाम लिखा हुआ है।
8 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 370 पर राष्ट्रपति के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया था। न्यायालय ने याचिकाकर्ता से कहा था कि उनकी याचिका पर नियत समय पर ही सुनवाई होगी।
"यदि इस मामले पर कोर्ट में हफ्ते में पाँच दिन सुनवाई होती है तो यह अमानवीय होगा।” मुस्लिम पक्षकारों के वकील के मुताबिक उन्हें दिन रात अनुवाद के कागज पढ़ने और अन्य तैयारियाँ करनी पड़ती हैं। इसलिए वो तालमेल नहीं बिठा पाएँगे।