70 साल के विनोद मिश्रा उस इस्लामी भीड़ की हिंसा के पीड़ित हैं, जिसने रामगोपाल मिश्रा की हत्या की। लेकिन बहराइच पुलिस उन जैसे चश्मदीदों के कहे की जाँच करने की जगह मीडिया संस्थानों को धमकाने पर उतारू है।
किशन ने बताया कि जब वो रामगोपाल का शव लेने गए तो सरफराज ने उनपर भी गोली चलाई, अगर वो गोली निशाने पर लगती तो शायद उनका भी शव अब्दुल हमीद के घर में मिलता।