अवैध घुसपैठियों के सिंडिकेट से जुड़े लोग भारत में एंट्री करवाने से लेकर उनके फर्जी दस्तावेज बनवाने, उन्हें दिल्ली तक पहुँचाने और यहाँ तक की नौकरी दिलवाने तक में भी मदद करते हैं।
गृह मंत्रालय ने हर राज्य को जिला स्तर पर पर्याप्त डिटेंशन सेंटर स्थापित करने का आदेश दिया गया है, जहाँ संदिग्ध प्रवासियों को निर्वासन की प्रक्रिया पूरी होने तक रखा जाएगा।