Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षानिकाह से किया इनकार तो बांग्लादेश ने अपनी ही मॉडल को बताया राष्ट्रीय सुरक्षा...

निकाह से किया इनकार तो बांग्लादेश ने अपनी ही मॉडल को बताया राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा, 30 दिन के लिए जेल में ठूँस दिया: जानिए क्यों मेघना आलम के पीछे पड़ी यूनुस सरकार

बांग्लादेश के 'स्पेशल पॉवर्स एक्ट' के तहत उन्हें गिरफ़्तार किया गया है। इसके तहत किसी भी व्यक्ति को अनिश्चितकाल तक जेल में रखा जा सकता है।

2020 में ‘मिस अर्थ बांग्लादेश’ बनीं मॉडल मेघना आलम को गिरफ़्तार कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि उन्होंने मुल्क़ के कूटनीतिक संबंधों को गंभीर नुकसान पहुँचाया है। वहीं उनके अब्बा ने अरब मुल्क़ के एक राजनयिक पर इस मामले का ठीकरा फोड़ा है। पुलिस का कहना है कि फ़िलहाल बिना किसी चार्ज के मेघना आलम को हिरासत में रखा गया है, क्योंकि उन्होंने कुछ ‘महत्वपूर्ण शख़्सियतों’ पर ग़लत आरोप लगाकर बांग्लादेश के कूटनीतिक संबंधों को बिगाड़ा है।

पुलिस के प्रवक्ता मोहम्मद तालेबुर रहमान ने कहा कि जिन शख़्सियतों पर आरोप लगाया गया है वो विदेशी नागरिक हैं। 30 वर्षीया मॉडल के अब्बा ने कहा कि ढाका में एक अरब मुल्क़ के पूर्व राजदूत के साथ संबंधों के कारण उनकी बेटी को गिरफ़्तार किया गया है। उनका कहना है कि उनकी बेटी और उक्त राजदूत रिलेशनशिप में थे, लेकिन उसके बीवी-बच्चे होने के कारण मेघना आलम ने निकाह के प्रस्ताव को नकार दिया था। वहीं मेघना आलम ने लाइव स्ट्रीम के जरिए दिखाया कि उनके घर में पुलिस घुस गई है।

पुलिस का कहना है कि मेघना आलम ने अपनी हरकतों से राज्य की सुरक्षा को बाधित किया है और वित्तीय हितों को भी नुकसान पहुँचाया है। बांग्लादेश के ‘स्पेशल पॉवर्स एक्ट’ के तहत उन्हें गिरफ़्तार किया गया है। इसके तहत किसी भी व्यक्ति को अनिश्चितकाल तक जेल में रखा जा सकता है। मानवाधिकार संगठनों ने इसकी निंदा की है। ‘एमनेस्टी इंटरनेशनल’ ने इस गिरफ़्तारी को ‘कठोर’ बताते हुए कहा कि या तो मेघना आलम को किसी अंतरराष्ट्रीय मुहर वाले क़ानून के तहत आरोपित किया जाए, या उन्हें रिहा किया जाए।तक

यहाँ तक कि बांग्लादेश की नई सरकार के क़ानूनी सलाहकार आसिफ नज़रुल ने भी कहा कि ये गिरफ़्तारी उचित नहीं है। हालाँकि, इस पूरे मामले में जो बातें निकलकर आ रही हैं वो किसी रोमांचक फ़िल्मी कहानी से कम नहीं हैं। जिस अरब मुल्क़ की बात उनके पिता ने की, वो सऊदी अरब है। पुलिस का कहना है कि राजदूत एसा आलम को ब्लैकमेल कर उनसे मेघना आलम ने 5 मिलियन डॉलर (43.04 करोड़ रुपए) वसूलने की कोशिश की थी। एसा युसूफ अपने मुल्क़ वापस लौट चुके हैं।

एक फेसबुक पोस्ट के जरिए मेघना आलम ने आरोप लगाया था कि एसा युसूफ उन्हें डरा रहे हैं, ताकि वो सच्चाई पोस्ट न करें। बाद में बांग्लादेशी मॉडल ने इस पोस्ट को डिलीट कर दिया था। मेघना का कहना था कि उन्हें धमकियाँ मिल रही हैं और वो सुरक्षित नहीं हैं। सोशल मीडिया पर उनकी रिहाई के लिए ‘फ्री मेघना’ भी ट्रेंड कराया गया। कोर्ट ने फ़िलहाल उन्हें 1 महीने जेल में रखने की अनुमति दी है। रेजाउल करीम मलिक नामक पुलिस अधिकारी को गिरफ़्तारी सही तरीके से न करने के लिए निलंबित भी किया गया है। मेघना आलम ब्यूटी संगठन भी चलती हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

खून वही, बस नैरेटिव बदल गया: प्राचीन बलि से ईसाई संस्कार तक, इतिहास ने ये फर्क कैसे बनाया?

पश्चिम ने पुरानी सभ्यताओं को खून और बलि के नाम पर बर्बर कहा। ईसाई परंपरा को आध्यात्मिक ऊँचाई बताया। लेकिन चर्च के केंद्र में भी रोटी और वाइन के जरिए शरीर और रक्त का अनुष्ठान बैठा है। सभ्यता की कहानी इतनी साफ नहीं।

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।
- विज्ञापन -