पूर्वी चम्पारण में स्थित सोमेश्वरनाथ महादेव की धरती- अरेराज। रवीश ने अपने गृहक्षेत्र में भोजपुरी में झूठ बोल कर दूसरों को 'लबरा' बताया। प्रधानमंत्री पर गंभीर आरोप लगाए। रवीश कुमार ने अब पत्रकारिता छोड़ कर नेतागिरी शुरू कर दी है। इसका नमूना बिहार में देखने को मिला।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सीता ने पहली बार छठ पूजा बिहार के मुंगेर में गंगा तट पर की थी। इसके प्रमाण स्वरूप आज भी यहॉं अर्घ्य देते उनके चरण चिह्न मौजूद हैं।
लोकसभा चुनावों के नतीजे आने पर जब मोदी सरकार 2.0 की एनडीए कैबिनेट बनाने की कवायद शुरू हुई, तो जदयू ने सरकार में शामिल होने से इंकार कर दिया था। तब केसी त्यागी ने ही इसे 'अंतिम निर्णय' बताया था लेकिन आगामी बिहार विधान सभा चुनाव को देखते हुए...
बलात्कार करने के बाद आरोपित साध्वी को मौके पर छोड़ फरार हो गए। वह काफी देर तक बेहोश रहीं। दो साल पहले भी इसी आश्रम के तीन साध्वियों के साथ बलात्कार की घटना सामने आई थी।
उपचुनाव में जदयू प्रत्याशी को निर्दलीय कर्णजीत सिंह से शिकस्त खानी पड़ी। बावजूद इसके जदयू विधायक श्याम बहादुर ने पार्टी की हार का जश्न कर्णजीत सिंह के साथ मिलकर मनाया।
जब सुशासन की ही पोल खुल चुकी हो तो उसके बड़बोले मंत्री के दावों पर गौर करना बेमानी है। लेकिन, यह सियासत है। और वो भी बिहार की, जिसके समीकरण दिल्ली से ही तय होने हैं। लिहाजा हर ट्वीट के पीछे का गणित समझना जरूरी हो जाता है।
इस तकनीक में मोबाइल ऐप की सहायता से मतदान किया जाता है। प्रायोगिक तौर पर इसे लागू किया गया है। हरेक मतदाता को दो दिन पहले ही क्यूआर कोड की पर्ची दे दी गई थी।
पप्पू यादव ने पटना के कई इलाकों में सफाई अभियान चलाया और कचरे को ट्रैक्टर में लादकर बिहार के नगर विकास मंत्री सुरेश शर्मा के सरकारी आवास पर फेंकने जा रहे थे। इसकी सूचना मिलते ही मंत्री सुरेश शर्मा के आवास की सुरक्षा बढ़ा दी गई और...
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इन कार्यकर्ताओं को देखकर लग रहा था जैसे उन्हें शरद यादव को सुनने की कोई जिज्ञासा ही नहीं। इसलिए उन्होंने समय गंवाने से अच्छा सभागार से बाहर निकलना समझा।
महिला ने आरोप लगाया, "कई सालों तक मुझपर अत्याचार करने के बाद, कुछ दिन पहले उसने मुझे उसका घर छोड़ने को कहा। लेकिन जब मैंने मना किया, तो उसने मुझे तीन तलाक दे दिया।"