स्थानीय लोगों ने मंदिर की जमीन पर निर्माण कार्य रोकने की कोशिश की, तो पुलिस ने भाजपा नेताओं व महिलाओं को घसीटते हुए ले जाकर वाहनों में चढ़ाया, जिसे लेकर वहाँ तनाव की स्थिति बन गई।
अधिकारी जल्द ही बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। शुभेंदु का यह इस्तीफा आने वाले पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव को मद्देनजर ममता सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
"पाकिस्तान और बांग्लादेश से प्रताड़ित होकर आने के बाद मटुआ समुदाय के लोग भारत में शरणार्थी की तरह रह रहे हैं। हम उन्हें किसी भी सूरत में नागरिकता देकर रहेंगे और ऐसा करने से हमें कोई नहीं रोक सकता है।"